Monday, October 19, 2020 at 1:10 AM

मथुरा के मंदिर-मस्जिद विवाद में कूदे जफरयाब जिलानी, कही ये बड़ी बात

लखनऊ। मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर के पास में स्थित शाही मस्जिद को हटाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। वकील रंजना अग्निहोत्री ने मथुरा के डिस्ट्रिक्ट जज के पास एक याचिका दायर कर कहा है कि यह शाही मस्जिद श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर का ही हिस्सा है। इसलिए इसे यहां से हटाया जाना चाहिए। इस मामले पर बोलते हुए अयोध्या में बाबरी मस्जिद की लंबे समय तक पैरोकारी करने वाले जफरयाब जिलानी कहते हैं कि यह मुद्दा एक डेड ईश्यू है, जिसे एक बार फिर उठाया जा रहा है।

उन्होने कहा कि मैं इस मुद्दे को डेड इसलिए कहता हूं, क्योंकि 1951 के बाद मंदिर ट्रस्ट और मस्जिद ट्रस्ट के बीच एक कॉम्प्रोमाइज हुआ था और इस कंप्रोमाइज में यह कहा गया था कि मंदिर परिसर, मस्जिद परिसर से बिल्कुल अलग है और भविष्य में मंदिर परिसर के लोग मस्जिद परिसर पर किसी तरह की कोई दावेदारी नहीं कर सकते और ना ही मस्जिद परिसर के लोग मंदिर परिसर के किसी हिस्से पर। उन्होंने कहा कि इसी कंप्रोमाइज को अभी तक फॉलो किया जा रहा था।

लेकिन रंजना अग्निहोत्री ने इस याचिका को लगाकर उस कंप्रोमाइज को चैलेंज किया है। जिलानी ने कहा कि अचानक 40-45 साल के बाद इस तरह के ईशु को उठाया जाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि रंजना अग्निहोत्री ना ही वहां की रहने वाली हैं और ना ही वह मंदिर की किसी अथॉरिटी से जुड़ी हैं। जफरयाब जिलानी ने कहा कि हमारे भारतीय संविधान में यह सभी को आजादी है कि वह कोर्ट जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस ईश्यू को अभी उठाया जाना, सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति को जताता है। उन्होंने कहा कि क्योंकि अब अयोध्या का विवाद खत्म हो गया है। लिहाजा अब कभी काशी की बात की जाती है तो कभी मथुरा की।

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