Sunday, October 18, 2020 at 11:05 PM

बिहार विधानसभा चुनाव: मिशन 2020 के लिए तय हुआ फॉर्मूला, जानिए क्‍या है एनडीए का प्‍लान

पटना। बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने सियासी शतरंज बिछाना शुरू कर दिया है। वहीं, एनडीए ने भी अपना फॉर्मूला सेट कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि जदयू ने ज्यादा सीटों की मांग जरूर की है, लेकिन सीट बंटवारे का फॉर्मूला 2010 की तरह ही रहने वाला है। आपको बता दें कि इसके अनुसार वर्ष 2010 में जदयू 141 और बीजेपी ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में जेडीयू ने 115 तो बीजेपी ने 91 सीटों पर जीत हासिल कर लालू यादव की पार्टी आरजेडी को 22 सीट पर ही समेट दिया था। एनडीए में सीट बंटवारा फाइनल होते ही सबसे पहले बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव शुक्रवार को दिल्ली कूच कर गए थे। बिहार प्रभारी के दिल्ली रवाना होने के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल, बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी बिहार विधानमंडल के नेता सुशील कुमार मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और बिहार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय घंटो तक पहले चरण के मतदान के लिए उम्मीदवारों के नम पर चर्चा करते रहे। रविवार को बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल भी दिल्ली रवाना हो गये है। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष पहले चरण के संभावित उम्मीदवारों की सूची भी अपने साथ ले गए है, जिसपर केंद्रीय चुनाव समिति मंथन कर अपनी सहमति प्रदान करेगी। सूत्र के अनुसार बीजेपी द्वारा तैयारी की गई लिस्ट में करीब आठ सीट ऐसी है जहां तीन उम्मीवारों के नाम पर चर्चा की गई है। यानी बीजेपी आठ सिटिंग विधायकों का टिकट काट सकती है।

आपको बता दें कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच एनडीए अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करेगा। वहीं, 28 अक्टूबर को होने वाले बिहार विधानसभा के पहले चरण के मतदान के लिए बिहार बीजेपी के उम्मीदवारों की घोषणा 3 अक्टूबर से पहले किए जाने की उम्मीद है। दरअसल उम्मीदवारों के नाम को लेकर बिहार चुनाव समिति की बैठक अभी तक नही हो सकी है। सूत्रों की माने तो बीजेपी ने नाम तो लगभग फाइनल कर लिया है लेकिन, अब उन नामों को बिहार चुनाव समिति के सामने रखकर चर्चा की जाएगी और चुनाव समिति की सहमति के बाद ही केंद्रीय चुनाव समिति को सूची सौंपा जाएगा। सूत्र बताते है कि 30 सितंबर यानी बुधवार से पहले सीटों के साथ उम्मीदवारों के नाम पर बिहार चुनाव समिति की बैठक हो सकती है। इसके बाद उस सूची पर केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी जिसमें उम्मीदवारों के नाम के साथ उस क्षेत्र का पूरा आंकलन करने के बार मुहर लगाया जाएगा।

सूत्रों की माने तो विधानसभा चुनाव 2020 में जेडीयू 103 और बीजेपी 101 सीट पर चुनाव लड़ने जा रही है। आपको बता दें कि 2010 में जेडीयू 141 और बीजेपी ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन इस बार एनडीए में एलजेपी और जीतनराम मांझी की पार्टी ‘हम’ भी एनडीए में शामिल है। लिहाजा इस बार 39 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई है। बता दें कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में 243 सीटों में से 178 पर महागठबंधन की जीत हुई लेकिन इस जीत में जेडीयू से अधिक विधायक आरजेडी के जीते थे। बीजेपी से अलग हुए नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने 2010 के चुनाव में 142 सीटों पर लड़ा था लेकिन 2015 में महागठबंधन में शामिल हुए जेडीयू 101 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस लिहाज से देखा जाए तो 2015 में जेडीयू 2010 के मुकाबले 41 कम सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इसके अलावा 101 सीटों पर लड़कर जेडीयू ने 71 सीटें जीती थी, जो 2010 के मुकाबले 44 सीट कम थी। वहीं 167 सीट पर चुनाव लड़ने वाली बीजेपी भी 2015 में महज 53 सीट जीत हासिल कर सकी थी।

 

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