Friday, December 4, 2020 at 11:23 PM

घर, खेत, खलिहान में जा जाकर पढ़ा रहा शिक्षा मित्र 

चित्रकूट। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के चलते जहाँ पूरा विश्व परेशान है, वहीं देश के भविष्य
नवनिहाल बच्चों को लेकर सरकार ने आन लाइन पढाई की व्यवस्था की है, लेकिन इस महामारी
मे एक ओर जहाँ गाँवों मे लोगों को परिवार का भरण पोषण करने के लिए लोहे के चने चबाने
पड़ रहे हैं,  वहीं दूसरी ओर बच्चों के लिए महंगा मोबाइल व उसके मासिक नेट पैक की व्यवस्था
करना गरीबों के लिए दिवास्वप्न से कम नही है।

सरकार जहाँ शिक्षा के नाम पर करोडों खर्च
कर बच्चों को पढ़ने मे हर सम्भव मदद कर रही है, वहीं गरीब तबका न मोबाइल खरीद सकता
न ही उसका खर्च वहन कर सकता है। इस समस्या को गम्भीरता से लेते हुये ग्राम पंचायत
सेमरिया चरण दासी के प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम पुरवा क्षेत्र चित्रकूट के शिक्षा मित्र सर्वेश
यादव ने एक अनोखा तरीका अपनाया और बच्चों के घर-घर,  खेत-खेत जाकर उन बच्चों को पढ़ा
रहे हैं, जिनके पास मोबाइल सुविधा नही है।  शेष बच्चों को जिनमे कुछ के पास मोबाइल है, उन्हें
व्हाट्शाप और रीडिंग एप के जरिये गरीब बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं,  उनका यह क्रम निरंतर जारी
है। जिससे बच्चे मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं।

इसके अलावा बच्चे मास्क लगाकर स्कूल पहुँच कर अध्यापकों से कांपी जांचने का भी अनुरोध
करते हैं। इस सम्बन्ध में ग्राम सेमरिया चरण दासी के मुस्तफ़ा अली, शाहिल, कैलाश, रज्जाक,
रमेश, रामपाल,  कंचन सिंह, अशोक, विक्रम, लवलेश आदि करीब आधा दर्जन लोगों ने बताया कि
विद्यालय और अध्यापक तो सभी जगह हैं पर यहाँ के शिक्षा मित्र और अध्यापक जितनी
मेहनत और लगन से हम लोगों के बच्चों को पढ़ा रहे हैं, वह दूसरी जगह नही हो सकता। गाँव
के लोग मुस्लिम पुरवा के शिक्षा मित्रों की तारीफ़ करते नही थकते।

इस सम्बन्ध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक अभिषेक केशरवानी से बात की गई तो उन्होने
बताया कि हमारी विद्यालय मे अधिकांश बच्चे अति गरीब परिवारों से हैं। विद्यालय बन्द होने
के चलते उनकी पढ़ाई बाधित न हो इस लिये हम लोगों ने निर्णय लिया है कि जब तक
विद्यालय नही खुलते तब तक उन्हे घर -घर,  खेत -खेत जाकर पढ़ाया जायेगा। जिससे उनका
भविष्य खराब न हो।

इस पहल का श्रेय शिक्षा मित्र सर्वेश यादव को सबसे ज्यादा जाता है जो गरीब नवनिहालों के
घर -घर,  खेत -खेत जाकर पढ़ा रहे हैं।

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