Friday, November 27, 2020 at 3:04 PM

काबिलेतारीफ: खाए बिन रहा न जाए, हया जो भोजन बनाए

बदायूॅ। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देश को लॉकडाउन कर दिया था और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई थी। स्कूल और कॉलेज बंद पड़े थे ताकि छात्रों को इस वायरस से बचाया जा सके। बच्चों को घर पर ही रहना पड़ रहा था, ऐसे में जहां माएं इस वक्त का इस्तेमाल बच्चों को कुकिंग और नए नए चीजें सिखाने में कर रही थीं, वहीं बच्चे भी नई चीजें सीख रहे थे और परिवार के साथ ज्यादा वक्त बिता रहे थे। लाॅकडाउन के दौरान भोजन बनाना सीखने के बाद हया ऐसा भोजन बनाने लगीं कि लोग तारीफ करते हैं।
शहर के मोहल्ला फरशोरी टोला के निवासी डा. मोहम्मद महजर फरशोरी की 11 वर्षीय बेटी हया फरशोरी ब्लूमिंगडेल स्कूल मे कक्षा सात की छात्रा है। हया को पढाई के साथ साथ खरगोश तोता पालने का शौक है। हया सुबह उठकर रोजाना चिडियों और कबूतरों को दाना पानी डालती है। लाॅकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने की वजह से हया को उसकी माता आरजू बेग जो नकबिया गर्ल्स स्कूल मे टीचर हैं। आरजू बेग ने लाॅकडाउन के दौरान अपनी बेटी हया को तरह-तरह के भोजन पकाना सिखाया। अपनी माता के सिखाने पर आज 11 वर्षीय हया ऐसा भोजन बनाती है खाने वाला तारीफ करता है। इस कम उम्र मे लजीज भोजन बनाने पर घर मे और मोहल्ले मे हया की लोग तारीफ करते दिखाई देते हैं। हया ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उसकी माता आरजू बेग ने उसे खाना बनाना सिखाया वो रोज पढने के बाद अपनी माता के साथ खाना बनाना सीखती रही एक दिन उसकी माता ने उससे भोजन बनाने को कहा तो वो बनाने लगी जो कमी थी वो माता बताती रही धीरे-धीरे सीख गई। आज हया ऐसा खाना बनाती है जिसको खाए बिन रहा न जाए, हया जो खाना बनाए।
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