Friday, November 27, 2020 at 2:15 PM

रामलीला के चौथे दिन श्री राम वन गमन की सजीव प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का झकझोरा मन

जौनपुर– सरायख्वाजा ओम् आदर्श रामलीला समीति बड़ऊर जपटापुर के तत्वावधान में संचालित रामलीला कमेटी द्वारा नौरात्रि महोत्सव, कोरोना काल व सामाजिक दूरी के बीच स्थानीय लोगों द्वारा मंचित 70वें संगीतमय रामलीला के चौथे दिन रविवार को मुख्य प्रायोजक प्रदीप यादव, अनुराग स्थाना, इन्द्रजीत विश्वकर्मा द्वारा आरती, वंदनादि कार्य राम लीला मंच पर सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान राम ने सदैव मर्यादाओं को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया था। इसी कारण उन्‍हें मर्यादा पुरूषोत्तम राम के नाम से जाना जाता है। उनका राज्य न्‍यायप्रिय और खुशहाल माना जाता था। इसलिए भारत में जब भी सुराज (अच्छे राज) की बात होती है तो रामराज या रामराज्य का उदाहरण दिया जाता है।
आज की रामलीला में मुख्य रूप से दशरथ जी द्वारा राम के राज्याभिषेक का मनोरथ, राज्याभिषेक की तैयारियां, मंथरा- कैकेयी संवाद, कैकेयी द्वारा कोप भवन की तैयारी, सुमंत द्वारा रामचंद्र को बुलावाना, श्री राम कौशल्या संवाद, श्री राम सीता संवाद, श्री राम वन गमन की सजीव प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को झकझोर दिया। एक तरफ प्रभु श्री राम को पूरी अयोध्या नगरी रोक रही थी, तो वहीं राजा दशरथ अपने जिगर के टुकड़े को रुकने का आह्वान कर रहे थे। वही रामलीला मंचन मे जीवंत दृश्य प्रस्तुति कर तुलसी दास की कल्पना को मंच पर साकार अभिनय कर पात्रों ने दर्शको को मंत्र मुग्ध कर दिया। सभी अभिनय कर रहे कलाकारों में खासा उत्साह देखने को मिला तथा निर्देशक- अवनीश तिवारी तथा पार्श्व संचालक रमेशचन्द्र स्थाना अपना नियंत्रण बखुबी कलाकारों पर बनायें रखें।
ध्रूवचन्द्र स्थाना द्वारा रामचरितमानस की चौपाईयों का संगीतमय मधुर पाठ भी बीच -बीच में हुआ। रामलीला का मंचन निर्वाधगति सायं 9:00 से देर रात्रि 1:00 तक हुआ। दर्शकजन अंत तक जमे रहे। शांति व्यवस्था व कोरोना काल को देखते हुए पुलिस प्रशासन सरायख्वाजा और  कांस्टेबल व होमगार्ड के जवान भी अंत तक  मौजूद रहे। इस अवसर पर मदन लाल यादव,अजय स्थाना, सौरभ, अशोक, आलोक, रिषभ, मुकेश तथा स्थानीय महिला, पुरुष व बच्चे आदि मौजूद रहे।

loading...
Loading...