उत्तर प्रदेशमिर्जापुर

नजारा देख कर रो पड़े पुलिसवाले भी, सीट बेल्ट से बंधा मिला मासूमों का शव

निकले थे बहन की विदाई को, गले से लिपटा मिला शव

मीरजापुर। वाराणसी जनपद के अर्जुनपुर में वृंदा कन्नौजिया के घर चार बेटियों के बाद पैदा हुए 10 वर्षीय करण और 12 वर्षीय रोशन अपनी सबसे छोटी बहन की विदाई कराने निकले थे। वह उसके लिए टीवी भी ले जा रहे थे। रास्ते में वह अपनी बहन के ससुराल के नजदीक पहुंचे थे। इसी दौरान गाड़ी पानी में चली गयी। जब एनडीआरएफ की टीम ने पानी से सूमो को निकाला तो दोनों भाई एक दूसरे से लिपटे हुए थे। दोनों भाइयों का शव देख लगी भीड़ में सभी की आँखे नम हो उठी। वृंदा ने अपनी बिटिया की विदाई के लिए एक गाड़ी बुक कराया था। उसे लाने के लिए अपने रिस्तेदार के साथ अपने बेटों को भेजा था। उस वक्त उसे कहा मालूम था कि उसके बेटों का रास्ते में मौत इंतजार कर रही है। भटौली पुल पर पहुँचने पहले ही एक बेटे ने सीट बेल्ट बांध लिया था। हादसे के वक्त जब गाड़ी पानी की तरफ बढ़ी तो दोनों भाई एक दूसरे से लिपट गये। उसी हालात में उनका शव पाया गया। परिवार के चिराग और मासूम बच्चों की मौत पर हर किसी की आंखे नम हो गयी।

मीरजापुर। भटौली पीपा पुल से गंगा में समायी टाटा सूमो को रेस्क्यू कर दो शव निकाला गया | हादसे के दूसरे दिन एनडीआरएफ टीम ने वाहन को बाहर निकाला। कल दोपहर में देहात कोतवाली इलाके के भटौली पीपा पुल को पार करते समय हादसा हुआ था | टाटा सूमो सवार ड्राइवर सहित चार लोग गंगा गए थे गिर, स्थानीय लोगों मदद से उसमें सवार एक को बचाया गया था, जबकि चालक समेत तीन की तलाश की जा रही है।। वाहन वाराणसी के भीखमपुर से मीरजापुर के लेढ़ू गांव आ रही थी। आज मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी ने हादसे पर दुख जताते हुए पुल पर सावधानी से यात्रा करने की दी हिदायत। कर मुक्त हुए पीपा पुल पर दो दिनों में लगातार हुए दो हादसों के लिए पीडब्लूडी विभाग की लापरवाही से किया इंकार।

भटौली पीपा पुल पर मंगलवार को स्विफ्ट डिजायर कार एवं बुधवार को एक टाटा सूमो के डूबने के हादसा में दो लोगों को असमय अपनी जान गवानी पड़ी है जबकि ड्राइवर अभी लापता है। मंगलवार के हादसे को 24 घंटा भी नहीं बीता था कि वाराणसी से आ रही टाटा सूमो नदी के जल में समा गयी। भीखमपुर निवासी दिनेश वाहन चला रहा था। उसका रिस्तेदार भरत साथ में ही बैठा था। पीछे की सीट पर मिर्जामुराद अर्जुनपुर निवासी वृंदा कन्नौजिया के दो लड़के 10 वर्षीय करण और 12 वर्षीय रोशन बैठे थे |  पीपा पुल से गुजरते समय अचानक गाड़ी का पहिया लोहे की चादर में फंस गया। गंतव्य की ओर दौड़ रही टाटा सूमो का रुख बदल गया और वह पानी में समा कर जल समाधि ले लिया। जल में समाहित वाहन को निकालने के लगाया गया रस्सी कई बार टूट गयी। इसी के साथ अँधेरा जाने के कारण रेस्क्यू आपरेशन रोक दिया गया। सीओ सदर ब्रजेश त्रिपाठी समेत तमाम विभागीय अधिकारी अभियान में लगे थे। आज वाराणसी से आयी टाटा सूमो को दो शव के साथ बाहर निकाला गया।

हादसे में डूबे लोगों को निकालने के लिए हो रहे रेस्क्यू को देखने ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही | घटना स्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी विमल कुमार दुबे ने हादसे के लिए ठेके से निकलकर करमुक्त पुल पर चलने की गति को जिम्मेदार ठहराते हुए दो दिनों में लगातार हुए दो हादसों के लिए पीडब्लूडी विभाग की लापरवाही से इंकार किया। मंगलवार को डिजायर शिफ्ट कार गंगा में गिरी थी। एक कम्पनी में कार्यरत नवीन और दिलीप सिंह मीरजापुर से वाराणसी जा रहे थे। पुल पर बिछायें गये लोहे के चद्दरों से गुजरते समय कार अचानक गंगा नदी में पुल पर लगे तार को तोड़ते हुए समा गयी। हादसे में स्थानीय लोगों की सक्रियता से दोनों को बचा लिया गया था, पर 24 घंटे बाद हुए हादसे में दो जान गवानी पड़ी और तीसरा लापता है।

 

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