Monday, March 8, 2021 at 9:22 AM

कंगाल पाकिस्तान को एक और झटका…

पाकिस्तान :  कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान को एक और झटका पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन ने दिया है | पिछले दिनों पाकिस्तानी यात्रियों को ले जा रहे एक विमान को मलेशिया के कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीज कर लिया गया था | इस घटना के बाद विश्व के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इसको सुर्खियों में रखा | इस घटनाक्रम के बाद से जहां एक तरफ पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के समक्ष संकट उत्पन्न हो गया है वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान मलेशिया के मित्रवत संबंधों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं | पीआईए के अनुसार इस समय उसके बेड़े में कुल 12 बोइंग विमान शामिल हैं | इन विमानों को विभिन्न कंपनियों से समय-समय पर ड्राई लीज पर लिया गया है | आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिस विमान को मलेशिया ने जप्त किया है, वह भी लीज पर ही लिया गया था | लेकिन लीज की शर्तों के अनुसार पैसा नहीं चुकाने के कारण इस विमान को जप्त किया गया |

मलेशिया के प्रमुख मीडिया संस्थानों के अनुसार संबंधित विमान के स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा था | जिसके संदर्भ में मलेशिया कोर्ट के फैसले के अनुसार मलेशिया की पुलिस ने पीआईए के इस विमान को जप्त किया है | इस विमान से संबंधित मामले की एक और सुनवाई यूके की कोर्ट में भी हो रही है | लेकिन यूके की कोर्ट अभी तक इस पर अपना अंतिम फैसला नहीं सुनाई है | पीआईए की बात करें तो पहले इसका नाम ओरिएंट एयरवेज हुआ करता था | बाद में वर्ष 1955 में इसका नाम पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस रखा गया | लगभग 74 वर्ष पुरानी यह एयरलाइंस वर्तमान में अपने अस्तित्व को बचाने के लिए प्रयास कर रही है | वर्ष 2020 के अंत में पीआईए का विमान जब पाकिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था | उसके बाद विभिन्न देशों द्वारा पीआईए के विमानों को अपने एयर स्पेस में प्रतिबंधित कर दिया गया था | पहले से खस्ताहाल स्थिति में चल रहे पीआईए को लॉकडाउन और प्रतिबंधों की दोहरी मार ने और ही बदतर स्थिति में कर दिया था | मौजूदा घटनाक्रम ने तो पीआईए की कमर तोड़ कर रख दी है | ऐसे में हाल के वर्षों में पीआईए की स्थिति ठीक हो पाएगी ऐसा संभव प्रतीत नहीं होता |

इस विमान का मालिकाना हक एक भारतीय के पास होने के कारण पाकिस्तानी मीडिया और सरकार द्वारा इस घटनाक्रम का जिम्मेदार भारत को ठहराया जा रहा है | लेकिन यह अनुचित है, कुछ विशेषज्ञ इस घटनाक्रम के बाद मलेशिया और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं | लेकिन आपको बता दें यह घटनाक्रम कहीं भी पाकिस्तान-मलेशिया के मित्रवत संबंधों को प्रभावित नहीं करता है | क्योंकि यह एक कानूनी फैसला था जिसका पालन करना स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी होती है और मलेशिया की पुलिस ने वही किया | हालांकि इस घटनाक्रम के बाद से पाकिस्तान की साख पर धब्बा अवश्य लगा है | समग्रता से देखें तो यह विवाद लगभग 100 करोड़ भारतीय रुपयों का था | पाकिस्तान की सरकार इस कर्ज को आसानी से अदा कर सकती थी यदि पड़ोसी देशों के साथ पाकिस्तान के मित्रवत संबंध होते हैं | पाकिस्तान के एविएशन मिनिस्टर के आधिकारिक बयान के आधार पर यदि हम कहें तो पुलवामा आतंकी हमले के बाद जब पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद किया था, उसके बाद से पाकिस्तान को लगभग 8 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था | यदि भारत से मित्रवत संबंध होते तो शायद पाकिस्तान आसानी से इस कर्ज को चुका सकता था | पाकिस्तान में फर्जी पायलटों की आई बाढ़ के कारण विभिन्न देशों ने पीआईए के प्लेन क्रैश हो जाने के बाद से इन विमानों को प्रतिबंधित कर दिया था | जिससे पीआईए की आर्थिक स्थिति और भी बदहाल हो गई | यदि पाकिस्तान आर्थिक मोर्चों पर बेहतरी चाहता है तो सबसे पहले पाकिस्तान को भ्रष्टाचार पर लगाम लगानी होगी | इस कदम के साथ पड़ोसी देशों के साथ मित्रवत संबंधों पर भी जोर देना होगा और आतंकवाद से दूरी बनानी होगी |

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