Friday, March 5, 2021 at 2:18 PM

परेड का दूसरा सबसे मुख्य आकर्षण भारतीय वायुसेना का फ्लाई पास्ट…

नई दिल्‍ली । भारत 26 जनवरी को 72 वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। 26 जनवरी, 1950 को ही देश में संविधान लागू किया गया था। इस दिन को राजपथ पर देश के ज्‍यादातर राज्य और तमाम विभागों की 32 झांकियां देश की कला संस्कृति के साथ प्रगति के अलग-अलग आयामों का प्रदर्शन करेंगी। इसके बाद परेड का दूसरा सबसे मुख्य आकर्षण भारतीय वायुसेना का फ्लाई पास्ट होगा। इसमें हाल ही में वायुसेना में शामिल लड़ाकू राफेल आकर्षण का केंद्र होगा। राफेल के अलावा सुखोई, मिग, मिराज और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस आदि भी पराक्रम की झलक पेश करेंगे। इस बार गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल वीके मिश्रा करेंगे और इस दौरान तीनों सेनाओं के साथ अर्धसैनिक बलों के 18 दस्ते सलामी मार्च में हिस्सा लेंगे।

इस वर्ष राजपथ पर 32 झांकियां होगी। इसमें 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होगी तो 15 झांकियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होगी। जिन राज्यों की झांकियां होगी, उनका सूची निम्न प्रकार हैं: दिल्ली (शाहजहांनाबाद पुर्नविकास), उत्तर प्रदेश (उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर : अयोध्या), गुजरात (सूर्य मंदिर, मोढेरा), असम (चाय की प्रजातियां), लद्दाख (भविष्य की दृष्टि), तमिलनाडु (शोर मंदिर और पल्लव वंश के अन्य स्मारक), महाराष्ट्र (महाराष्ट्र के संत), उत्तराखंड (केदारनाथ), छत्तीसगढ़ (छत्तीसगढ़ के लोक-संगीत का वाद्य-वैभव), पंजाब (श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400 वां प्रकाश वर्ष), पश्चिम बंगाल, (सबुज साथी योजना), त्रिपुरा (पर्यावरण हितैषी आत्म निर्भर), केरल ( नारियल जटा), सिक्किम ( पंग लबसोल उत्सव), कर्नाटक (विजयनगर-जीत का शहर), आंध्र प्रदेश (लेपाक्षी- वास्तुशिल्प अखंड चमत्कार) और अरुणाचल प्रदेश (पूर्व पश्चिम से मिलता है)।

दिल्ली की झांकी में शाहजहांनाबाद पुनर्विकास के कार्य को दिखाया गया है। दिल्ली की झांकी के प्रथम भाग में लाल किले को प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा जायकों के लिए मशहूर चांदनी चौक को गोलगप्पे के जरिये दर्शाने की कोशिश की गई है।

राजपथ पर उत्तर प्रदेश की झांकी इसलिए खास है क्योंकि वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या के जिस श्रीराम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है, उसकी प्रतिकृति राजपथ पर दिखाई देगी। उत्तर-प्रदेश के ही कलाकार इस झांकी में अपनी प्रस्तुति देंगे।

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान उत्तराखंड की झांकी ‘केदारखंड’ भी प्रदर्शित की जाएगी। इसमें द्वादश ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ धाम को दर्शाया गया है तो राज्य के प्रतीक चिह्नों के साथ हिमालय की मनोरम छटा भी देखने को मिलेगी।

राजपथ पर इस बार देश की धार्मिक संस्कृति की झलक दिखाई देगी। झांकी में चार-चार प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें अयोध्या का श्रीराम मंदिर, उत्तराखंड का केदारनाथ मंदिर, दिल्ली का गौरीशंकर मंदिर, शीशगंज गुरुद्वारा, बेपिस्ट सेंट्रल चर्च और दिगंबर लाल जैन मंदिर के जरिये गंगा-जमुनी तहजीब पेश की जाएगी। इसी तरह गुजरात के मोढेरा का सूर्य मंदिर, पंजाब की झांकी में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व प्रदर्शित किया जाएगा।

कोरोना वायरस से जूझ रहे पूरे विश्व के लिए उम्मीद बनी स्वदेशी वैक्सीन की चमक राजपथ पर दिखेगी। इसके जरिये विश्व को स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र से चमत्कृत किया जाएगा। गणतंत्र दिवस परेड में कोविड वैक्सीन शामिल होगी। बायोटेक्नोलाजी विभाग की झांकी में वैक्सीन की प्रतिकृति लोगों में उत्साह का संचार करेगी। इसी तरह स्वदेशी, आत्मनिर्भर और न्यू इंडिया जैसे विजन को समेटे झांकियां भी लोगों को गौरवान्वित करेंगी। इसी तरह इलेक्ट्रानिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय डिजिटल भारत-आत्मनिर्भर भारत, आयुष मंत्रालय का ओजो भारत- तेजो भारत और सूचना प्रसारण मंत्रलय की झांकी न्यू इंडिया थीम पर होगी।

कोविड की नि‍गेटिव रिपोर्ट आने पर ही कलाकार परेड में होंगे शामिल

कोविड के मद्देनजर परेड में गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। केवल आमंत्रण के आधार पर राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड देखने की अनुमति होगी। खास बात यह होगी कि जिन कलाकारों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आएगी, उन्हीं को परेड में शामिल किया जाएगा।

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