Tuesday, March 2, 2021 at 11:12 AM

चाणक्य निती: बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि इंसान के कर्म ही याद किए जाते है, जानिए वजह…

धर्म अध्यात्म: सबसे पहले चाणक्य बताते हैं जो व्यक्ति अपने जीवन में किसी भी चीज़े से ज्यादा धन का मोह रखता है,यानि लालची होता है,अपने घर-परिवार की आवश्यकताओं को पूरी न करते हुए धन को बचाने में लगे रहते हैं। इन्हें कभी जीवन में मान-सम्मान की प्राप्ति नहीं होती। चाणक्य कहते हैं धन होते हुए भी उसके ज़रूरत के समय उपयोग न करने वाला इंसान हमेशा स्वार्थी माना जाता है। अक्सर आप ने सुना होगा कि बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि इंसान के कर्म ही याद किए जाते हैं। अगर ये कर्म अच्छे हो तो जब किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो लोग उसके इन्हीं अच्छे कर्मों को याद करता हुआ मृत व्यक्ति को श्रद्धांजलि देता है।

मगर जो व्यक्ति अपने जीवन में केवल बुरे कर्म करता है उसे न तो अपने जीवन में जीते जी मान-सम्मान प्राप्त होता है न ही मरने के बाद। बल्कि ऐसे लोग केवल तिरस्कार के ही हकदार माने जाते हैं। अगर आप भी इस बारे में जानना चाहते हैं तो चलिए आपको बताते हैं आचार्य चाणक्य के नीति सूत्र में बताए गए ऐसे लोगों के बारे में जिन्हें कभी जिंदगी में कभी सम्मान प्राप्त नहीं होता। जो लोग किसी बुरी संगति में पड़ जाते हैं, धीरे-धीरे उनका व्यवहार भी वैसा ही हो जाता है। जो लोग अच्छे कार्यों को छोड़कर हमेसा गलत काम करने में आगे होते हैं वह अपने जीवन में अपमान के अलावा कुछ हासिल नहीं करते। बल्कि इनकी मृत्य के बाद कोई व्यक्ति ऐसे लोगों के बारे में बात करना भी पसंद नहीं करता है।

इसलिए चाणक्य कहते हैं हर व्यक्ति को हमेशा अपने आस पास के लोगों की तरफ़ खास ध्यान देना चाहिए। क्योंकि एक भी बुरा व्यक्ति पास होने पर इंसान की बुद्धि भ्रष्ट हो सकती है। आखिर में आती हैं बारी उन लोगों की, जो अपने जीवन में न तो अपने मां-बाप का और न ही अपने गुरुजनों आदि का मान करते हैं। चाणक्य के अनुसार अपनों से बड़ों का अपमान करने वाला व्यक्ति हमेशा अपने जीवन में अपयश पाता है। ऐसे लोगों को धार्मिक शास्त्रों में पापी कहा गया है। इसलिए चाणक्य ने अपने नीति सूत्र में बताया है हर व्यक्ति को अपनों से बड़ों का सम्मान करना चाहिए।

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