Tuesday, March 2, 2021 at 2:24 PM

5G टेक्नोलॉजी क्या है कितनी है स्पीड जानिये इसके बारे में…

5G के बारे में बात होते ही लोग ऑग्मेंटेड रिएलिटी, ऑटोमैटिक कारों, और इंटरनेट थिंग्स के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन इसकी बारीकियों के बारे में कुछ ही लोग जानते होंगे। तो चलिए इसकी डिटेल्स के बारे में जानते हैं। 5G टेक्नोलॉजी मोबाइल की 5वीं जेनरेशन है जो 4g से 100 गुणा नेटवर्क स्पीड से काम करता है ये टेक्नोलॉजी इतनी फास्ट होती है कि कोई भी मूवी हाई स्पीड से केवल कुछ ही सेकंड में डाउनलोड कर सकते हैं। 5G टेक्नोलॉजी के बारे में हम पिछले 3 सालों से सुन रहे हैं। 2018 से इस टेक्नोलॉजी की बातें चल रही हैं। 2021 आ गया है लेकिन अभी भी पूरे वर्ल्ड में इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ। हालांकि अमेरिका, जापान, चीन और साउथ कोरिया में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है। ये एक सॉफ्टवेयर पर बेस्ड नेटवर्क है, जो वायरलेस नेटवर्क की स्पीड की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। ये टेक्नोलॉजी डेटा क्वांटिटी को भी बढ़ाती है, ओर जिस से वायरलेस नेटवर्क को ट्रांसमिट किया जा सकता है।

1.एमएम वेव -: मिलीमीटर वेव एक साथ बहुत ज्यादा डेटा प्राप्त करता है जो 1gb डाटा को सेकंड्स में ट्रांसफर करने की क्षमता रखता है।
2.स्पीड सेल्स -: 5G टेक्नोलॉजी का दूसरा आधार स्पीड सेल्स ये आधार मिलीमीटर वेव की रेंज में आ रही दिक्कतों को भरपाई करता है।
3.बिमफॉर्मिंग -: बिमफॉर्मिंग एक ऐसी तकनीक है जो कंटिन्यूजली सभी सोर्सेज पर मॉनिटर रख सकती हैं ओर कभी एक सिग्नल पर कोई रुकावट आ जाएं तो तुरंत दूसरे स्पीड टॉवर पर स्विच कर सकता है।
4.फूल डुप्लेक्स -: फुल डुप्लेक्स एक ऐसा है को एक साथ फ्रिक्वेंसी बैंड के साथ – साथ डेटा को ट्रांसमिट ओर रिसीव करने में सक्षम है।
5.मैक्सिमम MIMO -: मल्टीपल इनपुट ओर मल्टीपल आउटपुट इस टेक्नोलॉजी का पांचवां आधार है. इस टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैफिक को मैनेज कर बड़े सेल टॉवर की स्पीड क्षमता को बरकरार रखने में मदद करता है।

इन्हीं पांच आधारों पर बनी है 5g टेक्नोलॉजी, इस टेक्नोलॉजी के लिए आम तौर पर 3Gzh – 6Gzh फ्रीक्वेंसी के बीच है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की रीच बढ़ाने के लिए इसी फ्रिक्वेंसी का यूज़ होता है जिसमें लैपटॉप,मोबाइल और टैबलेट आदि जैसे डिवाइस मौजूद हैं। हालांकि इस सिस्टम में ट्रैफिक बढ़ने से इसकी रीच में कमी आ रही हैं इसलिए साइंटिस्ट इसकी फ्रिक्वेंसी को 6Gzh से बढ़ाकर 24Gzh – 300Gzh तक करने की सोच रहे है जिसे हाई बैंड ओर मिलीमीटर वेव भी कहा जाता है।

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