Friday, March 5, 2021 at 5:50 AM

इशांत शर्मा, कि पत्नी प्रतिमा सिंह ने खोले कई राज…

अहमदाबाद । दिल्ली के रहने वाले इशांत ने नौ दिसंबर 2016 को वाराणसी में जन्मी बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रतिमा सिंह से शादी की। इसे संयोग ही कहेंगे पिछले तीन-चार साल में इशांत का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा है और दिग्गज कहते हैं कि यह एक गेंदबाज के तौर पर यह उनका सर्वोच्च समय है। पति का 100वां टेस्ट देखने यहां पहुंचीं प्रतिमा से जब पूछा गया कि क्या आपकी वजह से ऐसा हुआ है तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि लेडी लक नहीं, हार्ड वर्क (कठिन परिश्रम) के कारण वह यहां तक पहुंचे हैं।

प्रतिमा ने कहा कि इशांत की जिंदगी में जो कठिन परिश्रम, निरंतरता और अनुशासन है, उसकी वजह से ही वह यहां तक पहुंचे हैं। मुझे क्रिकेट के बारे में उतना नहीं पता, लेकिन सब कहते हैं कि एक तेज गेंदबाज के तौर पर 100 टेस्ट खेलना बहुत कठिन काम है। अगर आप अनुशासन में नहीं रहेंगे तो शरीर जवाब दे जाएगा। मैं उन्हें 2011 से जानती हूं। मैंने 10 सालों में कभी भी नहीं देखा कि उन्होंने थकावट, यात्रा, व्यक्तिगत कारण या प्रोफेशनल कारण या किसी और वजह से ट्रेनिंग छोड़ी हो। एक खिलाड़ी के तौर पर मुझे भी पता है कि ट्रेनिंग कितनी महत्वपूर्ण है। मैं भी इसी तरह की खिलाड़ी थी, लेकिन 10 साल में क्रिकेट खेलते रहना और कभी ट्रेनिंग मिस नहीं करना एक रिकॉर्ड है। इस दौरान जिंदगी में बहुत उतार-चढ़ाव आए। कभी आप जो सोचते हो वह नहीं होता है।

पूरी तैयारी है

प्रतिमा ने बताया कि इशांत की खुशी में शामिल होने के लिए 15-16 लोग यहां आ रहे हैं। इशांत के मम्मी-पापा के अलावा प्रतिमा की बहन आकांक्षा और बहुत सारे दोस्त अहमदाबाद में बुधवार से शुरू होने वाले डे-नाइट टेस्ट में हौसलाअफजाई करने के लिए मौजूद रहेंगे। प्रतिमा ने हंसते हुए कहा कि अभी 15-16 लोगों के लिए मैच टिकट की व्यवस्था करनी है।

निजी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण नहीं

इशांत के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है। वह कहते हैं कि 100 टेस्ट हों या 300 विकेट फर्क नहीं पड़ता, बस टीम जीतनी चाहिए, लेकिन एक दोस्त और पत्नी के तौर पर मैं कहूंगी कि ये बहुत बड़ी उपलब्धि है। टीम डिनर के दौरान सभी कोच आपस में बात कर रहे थे, इसके बाद नहीं पता कि कौन भारतीय तेज गेंदबाज 100 टेस्ट खेलेगा।

इसलिए फिटनेस से लेकर डाइट तक बात होती है। हम दोनों को इस बारे में जानकारी है। हमारे यहां ऐसा नहीं है कि मैं पत्नी हूं तो घर का काम करूंगी और वह पति हैं तो बाहर का काम करेंगे। हम दोनों खिलाड़ी हैं तो बराबरी का माहौल है। बिना कहे भी एक-दूसरे की बात को समझ लेते हैं।

तो उन्होंने कहा कि जब तक वह फिट रहें तब तक खेलते रहें। उन्हें खुशी मिलती है खेलने से और टीम के साथियों के साथ रहने से। हाल ही में उन्होंने कहा था कि जब मैं क्रिकेट छोड़ूंगा तो सबसे ज्यादा टीम और साथियों को मिस करूंगा। टीम के साथ रहना, बातें करना, साथियों के साथ मजाक करना याद आएगा। मैंने उनसे यही कहा कि जब तक खेल सकते हो खेलो, चाहे टीम इंडिया हो या घरेलू टीम। खिलाड़ी का जीवन बहुत किस्मत वालों को मिलता है।

पहली बार जब फोन पर खूब रोए इशांत

हम लोग उस समय डेट कर रहे थे। मोहाली में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए मैच में जेम्स फॉकनर ने उनके एक ओवर में 30 रन मारे। उसके बाद वह पहली बार फोन पर बहुत रोए। मैंने उनसे यही कहा कि क्रिकेट को इतना सिर पर मत चढ़ाओ। यह बहुत बड़ी चीज है, लेकिन सिर्फ खेल है। जिस दिन आप यह सोच लोगे कि खेल में सबकुछ होता है तो आप इन चीजों से उबर जाओगे। मैं तो इस पर विश्वास करती हूं।

जीतोगे, चोट लगेगी, रिकवर होगे, दोबारा खेलोगे तो आप टूटोगे नहीं। खेल में पूरी जिंदगी दिख जाती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी कई मसले हुए जब उन्हें मेरी जरूरत पड़ी। खासतौर पर जब मैच में ज्यादा पिटाई हो जाती है तो निराश हो जाते हैं। मैं कहती हूं कि जब तक जिंदगी है तब तक खेलोगे और तब तक यही चलता रहेगा। घर में क्रिकेट पर बातें होने के सवाल पर प्रतिमा ने कहा कि नहीं, हम घर में माहौल हल्का रखते हैं। जब तक इशांत क्रिकेट की बात नहीं करते तब तक मैं नहीं करती। मेरे घर में सब बास्केटबॉल के खिलाड़ी हैं, इसलिए मुझे पसंद नहीं है कि खेलने के बाद घर में खेल की बात हो। इशांत दोस्तों से भी तकलीफ नहीं बताते।

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