Friday, March 5, 2021 at 6:10 AM

घूमते फिरते सामाजिक शिक्षक थे संत गाडगे- महेन्द्रनाथ यादव

सपा नेताओं ने किया संत गाडगे को नमन्

बस्ती – मंगलवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सन्त गाडगे महाराज की जयन्ती मनाकर उन्हें याद किया गया। सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि देबूजी झिंगरजी जानोरकर या बाबा गाडगे महाराज कहते थे कि शिक्षा बड़ी चीज है, पैसे की तंगी हो तो खाने के बर्तन बेच दो, औरत के लिए कम दाम के कपड़े खरीदो, टूटे-फूटे मकान में रहो पर बच्चों को शिक्षा दिए बिना न रहो। आधुनिक भारत को जिन महापुरूषों पर गर्व होना चाहिए, उनमें राष्ट्रीय सन्त गाडगे बाबा का नाम सर्वोपरि है, वे मानवता के सच्चे हितैषी, सामाजिक समरसता के प्रतीक है। गाडगे महाराज एक घूमते फिरते सामाजिक शिक्षक थे। उनके जीवन से आज की पीढी को प्रेरणा लेनी चाहिये।
पूर्व विधायक राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सन्त गाडगे बाबा पैरों में फटी हुई चप्पल और सिर पर मिट्टी का कटोरा ढककर पैदल ही यात्रा किया करते थे और यही उनकी पहचान थी. जब वे किसी गांव में प्रवेश करते थे तो गाडगे महाराज तुरंत ही गटर और रास्तों को साफ करने लगते और काम खत्म होने के बाद वे खुद लोगों को गांव के साफ होने की बधाई भी देते थे। वे देश के स्वच्छता अभियान के शिल्पी थे।
कार्यक्रम को मुख्य रूप से जावेद पिण्डारी, समीर चौधरी, दीनानाथ चौरसिया, कक्कू शुक्ल, विजय विक्रम आर्य, रामनाथ प्रजापति, इन्द्रावती शुक्ल, अरविन्द सोनकर, मो. जावेद, अखिलेश यादव, महेश तिवारी आदि ने सम्बोधित करते हुये सन्त गाडगे के योगदान पर प्रकाश डाला। सपा कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में राघवेन्द्र सिंह, गुलाब सोनकर, वीरेन्द्र चौधरी, रन बहादुर यादव, मो. सलीम, रिन्टू यादव, मो. शाहिर, धर्मराज यादव, अरविन्द यादव, हनुमान चौधरी, घनश्याम यादव, राम शंकर निराला, रमेश गौतम, परशुराम चौधरी, तूफानी यादव, सुशील यादव, प्रशान्त यादव, आनन्द चौधरी, जीत बहादुर सिंह, वीरेन्द्र कन्नौजिया, एजाज अहमद, रवि गुप्ता, भोला पाण्डेय, सुशील यादव, आर.डी. गोस्वामी, राम कृपाल यादव गंगा यादव, रजवन्त यादव, जर्सी यादव, जैद अहमद, जुवेदा खातून, आशा देवी, साधना देवी, हेमन्त चौधरी, मो. हारिस, जोखूलाल यादव के साथ ही पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।

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