शाहाबाद में त्रुटिपूर्ण बिजली बिल और ख़राब पड़े मीटर उपभोक्ताओं के लिए बने सिरदर्द

शाहाबाद।हरदोई ०३ दिसम्बर एक ऒर राज्य सरकार जनता को बिजली संकट से मुक्त कर विकास की ओर ले जाना चाहती है वहीं दूसरी बिजली अधिकारी येन केन प्रकारेण उपभोक्ताओं के लिए विभिन्न समस्याएं बनाये रखकर अपनी स्वार्थपूर्ति कर रहे हैं। नगर के खेड़ा बलायकोट अल्हापुर दिलावरपुर महमन्द नेकोजई बुधबज़ार वाज़िदखेल मौलागंज चौक बरुआ बाजार गिगियानी सय्यदबाड़ा बाजार शम्भा गढ़ी महुआटोला सुलेमानी दिलेरगंज कटरा खत्ताजमाल खां खलील खेड़ा बीबीज़ई समेत सभी वार्डों के उपभोक्ता त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों से आजिज़ आ गए हैं।विगत माह जिलाधिकारी के तहसील दिवस में आई शिकायतों के एस डी ओ रणधीर कुमार ने कुछ उपभोक्ताओं को इसलिए राहत दी ताकि जिला प्रशासन की ज़ नज़र में साफ सुथरी छवि बनाये रख सकें।सुलेमानी के रमाकांत ने बताया कि जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना के निर्देश के उपरान्त ही उसका त्रुटि पूर्ण बिजली बिल एस डी ओ ने सुधारा।ऐसे कई उदहारण गाँव से लेकर नगर तक के हैं कि उपभोक्ताओं को बिना बजह ही कभी पावरहाउस आंझी तक तो कभी इस्लामगंज पावरहाउस तक प्रायः बिल ठीक कराने के लिए दौड़ाया जाता है।कमोवेश यही हालात ग्रामीण उपभोक्ताओं के हैं।आरोप है कि बिना सुविधा शुल्क लिए बिजली विभाग में कोई कार्य ही नहीं होता।उधर अनेक उपभोक्ता ख़राब पड़े मीटर को बदलने के अवरअभियंता से कई बार मीटर रिप्लेस करने के लिए प्रार्थना कर चुके हैं परंतु इस्लामगंज पावर हाउस से एक ही जबाब मिलता है कि मीटर आते ही रिप्लेस कर दिए जायेंगे।मीटर का कार्य भले ही अवनीश अवस्थी के जिम्मे हो परंतु उनके साथ मिलकर दीपंकर ज़ुबैर व अन्य अनेक प्राइवेट विद्युत् श्रमिक इसे अपनी कमाई का धंधा बनाये हुए हैं।यही हालात नए कनेक्शन लेने के हैं।बिना सुविधा शुल्क लिए कोई भी कार्य करा पाना विद्युत वितरण केंद्र शाहाबाद में संभव ही नहीं प्रतीत होता है।मीटर रीडिंग लेने वाले विद्युत श्रमिक भी उपभोक्ताओं से उलझते रहते हैं।भले ही ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा त्रुटिपूर्ण उपभोक्ताओं के बिलों को लेकर गंभीर हों परंतु हालात यह हैं विद्युत् अधिकारी व कर्मचारी सरकारी दिशा निर्देशों की कोई परवाह ही नहीं करते।लाइन लास एवं लोकल फाल्ट के लिए भी दैनिक विद्युतकर्मियों का ही सहारा है। उधर उ.प्र.विद्युत वितरण निगम द्वारा बिजली के दाम में भारी इजाफा किये जाने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गयी है।जानकारी के अनुसार 150 यूनिट तक 4.90 रुपए प्रति यूनिट ,150-300 यूनिट तक 5.40 रुपए प्रति यूनिट,300 से 500 यूनिट पर 6.20 रुपए ,500 यूनिट से ऊपर 6.50 रुपए प्रति यूनिट ,100 रुपए फिक्सचार्ज भी देना होगा ,300 से 1000 यूनिट तक 7.75 से 8 रुपए ,
1000 से ज्यादा यूनिट पर 7.95 से 8.30 रुपए पर यूनिट चार्ज देना होगा।अगर यही हालात रहे तो उपभोक्ता विभिन्न समस्यायों से लगातार जूझते रहेंगे।विद्युत विभाग भी स्टाफ की कमी की समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करता रहता है।परंतु शासन द्वारा एक लंबे अंतराल से नयी नियुक्तियां न किये जाने से भी परेशानियां बढ़ी हैं।
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