Thursday, October 1, 2020 at 5:27 AM

चिकित्सकों की लापरवाही, महिला के पैर की टूटी हड्डी को आपरेशन कर जोड़ने की बजाय चढ़ा दिया प्लास्टर

लखनऊ। लखनऊ के सिविल अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के चिकित्सकों की लापरवाही के चलते निगोहाँ क्षेत्र के सैदापुर गाँव की रहने वाली महिला पैर मे ढाई महीने पहले प्लास्टर चढाये जाने के बाद भी पैर की हड्डी ना जुङने के चलते चलने को तरस रही?। वही पति ने पत्नी के ना चल पाने पर एक निजी अस्पताल मे पत्नी को ले जाकर दिखाया तो पता चला सिविल अस्पताल के चिकित्सक ने तीन जगह से टूटी हड्डी को आपरेशन कर प्लेट लगाकर जोङने की बजाय लापरवाही दिखाते हुये प्लास्टर चढाकर पाँच दिन बाद अस्पताल से चलता कर दिया।वही गरीब परिवार ने किसी तरह बीस हजार रूपये का इन्तजाम कर महिला का बीते गुरूवार को निजी अस्पताल मे आपरेशन कराया।वही सिविल अस्पताल के डाक्टरो पर लापरवाही का आरोप लगाते हुये परिजनो ने स्वास्थमंत्री सहित स्वास्थ विभाग के प्रमुख सचिव से लिखित शिकायत करते हुये कार्यवाही की माँग की है।


निगोहां क्षेत्र के उतराँवा के सैदापुर गांव निवासी शिव कुमार मिश्रा ने बताया उनकी 50 वर्षीय पत्नी गीता मिश्रा घर मे सफाई करते वक्त गिराने से पैर के घुटने के नीचे की हड्डी तीन जगह से टूट गयी थी पैसे के अभाव मे पत्नी गीता को 12 सित बर 2017 को लखनऊ के सिविल अस्पताल के हड्डी रोग विभाग मे भर्ती कराया।जहाँ चिकित्सको ने एक्सरे करने के बाद प्लास्टर चढाकर 16 सित बर को डिस्चार्ज कर दिया ओर ढाई महीने बाद प्लास्टर काटने की बात कही।प्लास्टर कटाने के लिये पत्नी को बीते गुरूवार को क्षेत्र के एक निजी अस्पताल ले गया जहाँ डाक्टर से पत्नी के ना चलने के बारे मे बताया।निजी अस्पताल के चिकित्सक ने एक्सरे कराया तो पता चला अभी टूटी हड्डी नही जुङी है।

चिकित्सक ने आपरेशन कर प्लेट लगाकर हड्डी जोङने की बात कही जिसके बाद रिश्तेदारो से बीस हजार कर्ज लेकर पत्नी का आपरेशन कराया। वही सिविल अस्पताल के हड्डी विभाग के चिकित्सको की लापरवाही उजागर होने पर परिजनो ने स्वास्थमंत्री सहित स्वास्थ विभाग के प्रमुख सचिव से शिकायत कर लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक पर कार्यवाही की माँग की है।

ढाई महीने बाद एक्सरे में पैर की टूटी हड्डी ना जुड़ने की हुयी जानकारी
महिला गीता मिश्रा का सिविल अस्पताल के हड्डी विभाग मे पैर के घुटने के नीचे की टूटी हड्डी मे प्लास्टर चढाये जाने के ढाई महीने बाद प्लास्टर कटाकर दुबारा मोहनलालगंज सीएचसी मे एक्सरे कराया तो चिकित्सक ने हड्डी ना जुड़ने की जानकारी होने पर महिला गीता व परिजन हताश हो गये। परिजनो को लगा अब दोबारा गीता चल नही पाएगी।लेकिन हताश होने के बाद भी पति पत्नी को लेकर क्षेत्र के एक निजी हड्डी अस्पताल मे लेकर पहुँचा तो डाक्टर ने आपरेशन के पन्द्रह दिन बाद महिला के अपने पैरो पर चलने की बात कही। जिसके बाद पति ने पैसो का इन्तजाम कर पत्नी का आपरेशन कराया?।

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