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मशहूर अदाकारा जेन फोंडा की उम्र 73 दिखती हैं 37, राज खोला तो सब सकते में

लंदन। वैज्ञानिकों ने हॉलीवुड की मशहूर एक्टेस जेन फोंडा के बुढ़ापे में भी जवां रहने के राज को विज्ञान के नजरिए से आकतें हुए दावे का समर्थन किया है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि ढलती उम्र में सेक्स महिलाओं को तरोताजा और खुश रखता है। साथ अपने उम्र से बहुत कम दिखती हैं।

गौरतलब है कि दो बार ऑस्कर पुरस्कार से नवाजी जा चुकी 73 वर्षीय जेन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में खुलासा किया था कि वह अपनी कामुकता को घटने से बचाने के लिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन (सेक्स पावर बढ़ाने की दवा) लेती हैं।

कैलिफोर्निया सेन डिएगो विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक जिन उम्रदराज महिलाओं ने सक्रिय सेक्स जीवन का लुत्फ उठाया, वह कहीं अधिक स्वस्थ और खुश नजर आईं। डेली टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक 60 से 89 वर्ष की महिलाओं की निगरानी करने वाले अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ यौन गतिविधियों का वास्तविक स्तर कम होने लगता है। अध्ययन दल के प्रमुख प्रो. वेसले थाम्पसन ने बताया कि इसका उनके जीवन स्तर पर प्रभाव पड़ता है।

प्रो. थाम्पसन ने कहा, हमारे पूर्व के अनुमानों के उलट यौन संतुष्टि उम्र के साथ महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि यौन गतिविधियों में भिन्नता होती है जो महिलाओं की उम्र और उनके जीवन स्तर पर निर्भर करता है। इस अध्ययन से हमें पता चलता है कि कई उम्रदराज लोग बुढा़पे में भी सेक्स का लुत्फ उठाने की अपनी क्षमता को कायम रखते हैं।

दूसरा रिसर्च

इस रिसर्च में करीब 7000 लोगों से बात की गई जिनकी उम्र 50 से ज्यादा थी। यूके स्थित अंतर्राष्ट्रीय दीर्घायु केंद्र की इस रिसर्च का कहना है कि उम्र के साथ प्यार का रूप भी बदलने लगता है। वृद्धावस्था में इंसान को सबसे ज्यादा अपने जीवनसाथी के साथ समय गुजारने की चिंता होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर एंड मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि बुढ़ापे में रिश्तों के मायने अलग होते हैं। इसलिए वहां दो लोगों के बीच प्यार भी काफी गहरा होता है।

इस रिसर्च को ‘हाऊ लॉन्ग विल आई लव यू’ का नाम दिया गया है। रिसर्च ऑथर डॉ डेविड ली बताते हैं, ‘हम जानते हैं कि सकारात्मक भावनाएं और प्यार भरा जीवन वृद्धावस्था में एक अलग ही खुशी देता है। ज्यादातर बुजुर्ग बीमार होने के बाद भी अपने प्यार को लेकर काफी खुश रहते हैं। उन्हें वक्त मिलता है अपने जीवनसाथी से बात करने का, उसको किस करने का। इसकी एक वजह व्यस्क जीवन का तनाव कम होना भी है। बुढ़ापे में पहुंचने के बाद इंसान को भागदौड़ भरी जिंदगी से काफी हद तक आराम मिलता है।

हालांकि रिसर्च में कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि 50 की उम्र पार करने के बाद उन लोगों ने अपने जीवनसाथी के साथ प्यार करना कम किया है। इसकी वजह है घर में मौजूद बच्चे। बुजुर्ग कपल के लिए सबके सामने अपनी भावनाओं को जाहिर करना थोड़ा मुश्किल भी होता है।

सारी बातों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों से सलाह दी कि सेक्स जितना नियमित होगा शरीर उतना ही ग्लोरी।

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