उत्तर प्रदेशलखनऊ

मरीज के तीमारदारों ने बिल को लेकर जमकर काटा हंगामा

लखनऊ। कृष्णा नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक निजी अस्पताल में अपने मरीज का इलाज करा रहे तीमारदारों ने इलाज बाद अस्पताल की बिल देख आगबबूला हो गए। अपने परिचित रसूखदारों को अस्पताल बुलवाकर अस्पताल प्रबंधक को आधे से भी कम पैसा लेने की बात कह मामले को ख़त्म करने का दबाव बनाने लगे। जब अस्पताल प्रबंधन ने मना किया तो अपने को शिवसेना पार्टी का नेता बता अस्पताल में हंगामा करने लगे और तोडफ़ोड़ कर अन्य मरीजों व उनके तीमारदारो को भी मारपीट की।

जिसपर अस्पताल प्रबंधक ने सौ नंबर पर सुचना करते हुए स्थानीय थाना कृष्णा नगर कोतवाली समेत लखनऊ सीएमओ के यहाँ मरीज के तीमारदारों के खिलाफ लिखित शिकायत की।सरोजनीनगर क्षेत्र के हाइडिल निवासी कालिका प्रसाद अपनी पत्नी सुजावती के साथ अपने दुर्घटना ग्रस्त बेटे संतोष राज का इलाज कराने के लिए कृष्णानगर क्षेत्र में स्थित निजी अस्पताल लखनऊ अस्पताल में भर्ती 29 नव बर को कराया गया था मरीज संतोष का पैर टुटा था जिसका इलाज भर्ती कर किया जा रहा था।

अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर सौरभ अग्रवाल ने बताया कि संतोष के परिजनों ने भर्ती के दौरान नौ हजार रूपये जमा कराये थे दो दिन पूर्व मरीज को डिस्चार्ज किया गया जिसमे कुल सत्तर हजार रूपये का बिल बना था यह बिल मरीज के परिजनों को दिया गया जिसपर वह हंगामा करने लगे और दो रसूखदारों को बुला लिया। मरीज की ओर से आये दोनों रसूखदारों ने कहाकि पंद्रह हजार और लेलो और मामले को यही ख़त्म कर लो नहीं तो हम शिवसेना के नेता है अपने लोगो को बुलाकर काफी हंगामा कर देंगे। अस्पताल प्रबंधन ने उनकी इस बात को मानने से इंकार करते हुए कहाकि आप को पूरा बिल अदा करना पड़ेगा।

इस पर मरीज के परिजनों की पैरवी में दोनों उनलोगो ने नारे लगाते हुए अस्पताल में हंगामा करने लगे और अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को भी धक्का मुक्की कर उनके तीमारदारों से अभद्रता करने लगे और कहने लगे तुमलोग भी अपने अपने मरीजों को यहाँ से ले जाओ अभी यहाँ बहुत बुरा होने वाला है इस पर अस्पताल प्रबंधक ने पुलिस को सुचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रबंधक को थाने पर शिकायत दर्ज कराने की बात कह चलती बनी। वहीँ अस्पताल प्रबंधक सौरभ ने अगले दिन थाने पर पहुँच लिखित शिकायत की और लखनऊ सीएमओ को भी लिखित शिकायत किये।

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