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तीन महीने में गुजरात ने मुझे काफी कुछ सिखाया : राहुल गांधी


नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी और पीएम मोदी पर करारा हमला बोलते हुए कहा है गुजरात ने बीजेपी और पीएम मोदी को संदेश दिया है कि जो गुस्सा आपमें है ये आपके काम नहीं आएगा। इसे प्यार हरा देगा।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘गुजरात मॉडल को लोग नहीं मानते। मोदी जी राफेल जैसे घोटाले पर क्यों नहीं बोलते।’ राहुल गांधी ने कहा कि तीन से चार महीने पहले कहा जा रहा था कि गुजरात में कांग्रेस बीजेपी को टक्कर नहीं दे सकती। लेकिन तीन से चार महीनों में हमने कड़ी मेहनत की और आपने नतीजा देखा, बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है।

उन्होंने कहा, ”हमारे लिए अच्छा नतीजा है। ठीक है कि हम हार गये। यदि थोड़ा और ठीक करते तो जीत जाते।

उन्होंने कहा, ” मुझे वहां पता चला कि मोदीजी का जो माडल है, उसे गुजरात के लोग मानते ही नहीं। प्रचार बहुत अच्छा है। (इसका) मार्केटिंग बहुत अच्छी है पर अंदर से खोखला है। हमने जो अभियान चलाया, उसका वह जवाब नहीं दे पाये। विकास की बात कर रहे हैं पर सच्चाई यह है कि वह उसका जवाब नहीं दे पाये। आपने देखा होगा कि चुनाव से पहले मोदीजी के पास कहने के लिए कुछ बचा नहीं था।

राहुल ने गुजरात चुनाव प्रचार की चर्चा करते हुए कहा, ” आम तौर पर नेता जाता है और सोचता है कि गुजरात को मैं अपनी बात बताऊं। पर तीन महीने में गुजरात और वहां की जनता ने मुझे काफी सिखाया है। मुख्य बात यही सिखाई कि आपके विपक्ष में जितना भी क्रोध हो, जितना भी धन हो, जितना भी बल हो, उसे आप प्यार से, भाईचारे से टक्कर दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यह बात गांधीजी ने बहुत पहले सिखायी थी। किन्तु यह बात गुजरात में है और बहुत गहरे तक है। आपने गुजरात के चुनाव में जो देखा, यह वही भावना है। उन्होंने कहा कि गुजरात ने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी को संदेश दिया है कि यह जो गुस्सा-क्रोध आपमें है, वह आपके काम नहीं आयेगा। इसको प्यार हरा देगा।

विकास के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस चुनाव में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विकास का चुनाव है। उन्होंने बोला कि जीएसटी पर मोहर है। यह अजीब सी बात है कि चुनाव के दौरान उनके भाषणों में न तो विकास की बात हो रही थी और न जीएसटी की, न नोटबंदी की।

गौरतलब है कि सोमवार को घोषित गुजरात विधानसभा चुनाव नतीजों में कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी। कुल 182 सीटों में से बीजेपी ने 99 सीटें जीतीं और कांग्रेस ने 77 सीटें। मतगणना के दौरान रुझानों में एक समय में कांग्रेस बीजेपी से आगे निकल गई थी। ऐसे में दोनों मुख्य पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर हुई।

नतीजों में 2012 के मुकाबले बीजेपी को 16 सीटों का नुकसान हुआ, उसे 99 सीटें मिलीं। कांग्रेस की सीटें 61 से बढ़कर 77 हो गईं। अन्य को 6 सीटें मिलीं। 2012 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी का वोट शेयर 47.9% और कांग्रेस का वोट शेयर 38.9% था। इस बार बीजेपी का वोट शेयर 49.1% जबकि कांग्रेस का 41.4% रहा। यानी पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले बीजेपी का वोट शेयर करीब 1.25% और कांग्रेस का करीब 2% बढ़ा। सीटों के मामले में कांग्रेस फायदे में तो बीजेपी नुकसान में रही।

सोमवार को नतीजे आने के बाद कांग्रेस पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष की पहली प्रतिक्रिया आई थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी जनादेश को स्वीकार करती है और दोनों राज्यों की नई सरकारों को बधाई देती है। गुजरात और हिमाचल की जनता ने मुझे जो प्यार दिया, उसके लिए मैं उनका दिल से धन्यवाद देता हूं।

राहुल गांधी ने 16 दिसंबर, 2017 को ही पार्टी की कमान संभाली है। अध्यक्ष बनने से पहले गुजरात और हिमाचल में उन्होंने पार्टी का जमकर प्रचार किया था।

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