तमाम अवरोधों के बावजूद, इटावा जिला सहकारी बैंक की वार्षिक बैठक सम्पन्न

लखनऊ। सहकारिता विभाग के भ्रष्ट अफसरों की हठधर्मिता से उत्पन्न तमाम अड़चनों और अवरोधों के बावजूद शनिवार को इटावा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की 68 वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक पूर्वान्ह 11 बजे इटावा जिला सहकारी बैंक मुख्यालय में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर इटावा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष श्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र और सहकारिता के बुनियादी मूल्यों और संघर्षों की जीत है।

इटावा जिला सहकारी बैंक लि०, इटावा के संचालक मंडल की 4 दिसंबर को हुई बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि वर्ष 2016-17 की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक 30 दिसंबर 2017 को बुलाई जाए। उक्त क्रम में 14 दिसंबर को समस्त बैंक प्रतिनिधियों को बैठक में उपस्थित होने हेतु एजेंडा जारी कर दिया गया था। इसी के साथ बैंक वार्षिक आम सभा की बैठक की तैयारी करने लगा। इसी कड़ी में 25 दिसंबर को हुई संचालक मंडल की बैठक में आम सभा की बैठक की तैयारियों की समीक्षा करते हुए पिछली कार्यवाही की पुष्टि भी कर दी गई। तभी अचानक 28 दिसंबर 2017 को संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता उत्तर प्रदेश कानपुर मंडल ने अपने पत्रांक 1700/सह-निर्वाचन (मार्गदर्शन )/2017 -18 के द्वारा 30 दिसम्बर को होने वाली इटावा जिला सहकारी बैंक की वार्षिक साधारण सभा को स्थगित करने हेतु सचिव /मुख्यकार्यपालक अधिकारी बैंक को निर्देशित कर दिया। इस समय तक बैंक की वार्षिक आम सभा की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। इस स्थिति में अचानक बैठक स्थगित किए जाने से जहां बैंक की छवि को धूमिल होती, वहीं प्रतिनिधियों के आ जाने पर बैंक में असहज स्थिति उत्पन्न हो जाती। ऐसे विषम परिस्थितियों में श्री शिवपाल यादव जी ने लोकतंत्र में अपनी आस्था पर विश्वास जताते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी समिति निर्वाचन आयोग से अनुमति लेकर अपने प्रयासों के जरिए बैठक को संपन्न कराया।

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