कारोबार

बीते साल सोने के आयात में दो तिहाई की बढ़ोतरी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और आभूषण विक्रेताओं की ओर से मांग बढ़ने से मंगलवार को सोने में बढ़त दर्ज की गई। स्थानीय सराफा बाजार में यह कीमती धातु 50 रुपये बढ़कर 30 हजार 450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। हालांकि औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से समर्थन नहीं मिलने से चांदी में गिरावट आई।

यह सफेद धातु 390 रुपये का गोता लगाकर 39 हजार 710 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.42 फीसद की तेजी के साथ 1,308 डॉलर प्रति औंस (28.35 ग्राम) के स्तर पर बंद हुआ। इसका असर घरेलू बाजार पर दिखा।

दिल्ली में सोना आभूषण के भाव 50 रुपये बढ़कर 30 हजार 300 रुपये प्रति 10 ग्राम रहे। आठ ग्राम वाली गिन्नी 24 हजार 700 रुपये के पूर्वस्तर पर यथावत बनी रही। साप्ताहिक डिलीवरी वाली चांदी 130 रुपये के नुकसान में 39 हजार 40 रुपये प्रति किलो पर बोली गई। चांदी सिक्का 73000-74000 रुपये प्रति सैकड़ा के स्तर पर बना रहा।

सोना आयात का बिल कम रखने की कोशिश में लगी सरकार को बीते साल जबर्दस्त झटका लगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में भारत का सोना आयात 67 फीसद बढ़कर 855 टन के स्तर पर पहुंच गया। आभूषण विक्रेताओं की ओर से स्टॉक बढ़ाने और घरेलू मांग में तेजी से आयात में यह वृद्धि हुई।

सोने के आयात में भारत और चीन सबसे बड़े देश हैं। यहां आयात बढ़ने से करीब तीन महीने के ऊंचे स्तर पर चल रही सोने की कीमतों को और समर्थन मिलने की उम्मीद है। विदेशी बाजार में हाजिर सोने की कीमत में पिछले साल 13 फीसद की तेजी आई थी। 2010 के बाद से यह सोने का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

कंसल्टेंसी फर्म जीएफएमएस के सीनियर एनालिस्ट सुधीश नांबियाथ ने कहा, “2016 की आखिरी तिमाही में हुई नोटबंदी से उबरते हुए आभूषण विक्रेताओं ने पिछले साल की पहली छमाही में स्टॉक को दोबारा भरने पर जोर दिया।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर, 2016 में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रतिबंधित कर दिया था।

इस कदम से बाजार में नकदी की कमी होने के कारण आखिरी तिमाही में सोने की खरीद नहीं हुई थी। 2017 में नकदी की स्थिति सामान्य होने के बाद आभूषण विक्रेताओं और डीलरों ने फिर स्टॉक बढ़ाने पर जोर दिया। अच्छे मानसून से किसानों की आय बढ़ने के कारण घरेलू मांग में भी इजाफा हुआ। भारत में सोने की कुल मांग में दो तिहाई हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र का रहता है।

रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि इस महीने सोना आयात दिसंबर से कम रह सकता है। कीमत में बढ़ोतरी के कारण मांग कमजोर पड़ने से यह गिरावट आएगी। हालांकि जनवरी, 2017 के 50 टन के मुकाबले आयात ज्यादा रहने की उम्मीद है।

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