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पैरेंट्स को एनआरआई दूल्हे से बेटी की शादी शौक जो पहले शारीरिक टॉर्चर करते और छोड़ देते…

नयी दिल्ली। कई भारतीय पैरेंट्स अपनी बेटियों के लिए एनआरआई दूल्हे की तलाश में रहते हैं लेकिन उनके लिए नए आंकड़े परेशान करने वाले हो सकते हैं 1 जनवरी 2015 से 30 नवंबर 2017 के बीच 1064 दिनों में विदेश मंत्रालय को शिकायतों के 3328 कॉल्स आए यानी एक दिन में तीन से अधिक कॉल। हर 8 घंटे में कम से कम 1 महिला अपने NRI पति से तंग आकर भारत फोन करती हैं।

ताकि उन्हें घर बुलाया जा सके महिलाएं शारीरिक टॉर्चर बुरे व्यवहार से लेकर पति द्वारा छोड़ देने तक का सामना करती हैं इनमें से कई महिलाओं की हालत इतनी बुरी होती है कि वे खुद घर भी नहीं आ सकतीं विदेश मंत्रालय में किए गए शिकायत के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह सामने आया है

एक्टिविस्ट्स और वकीलों का कहना है कि ज्यादार महिलाएं पंजाब तेलंगाना गुजरात की होती हैं एक इंस्टीट्यूट की ओर से की गई स्टडी भी कहती हैं कि इन्हीं राज्यों की महिलाएं अधिक प्रभावित हैं।
अमेरिका में भारतीय दूतावास में काम कर चुकी आरती राव कहती हैं कि लड़के अपने पैरेंट्स को खुश करने के लिए भारत आते हैं घरवालों के हिसाब से शादी करते हैं लेकिन एक बार लौटने के बाद अपनी पत्नियों के साथ रहने को इच्छुक नहीं होते।
मंत्रालय के पास आए एक शिकायत में एक महिला ने कहा था कि वह बहरीन में फंस गई हैं क्योंकि उनके पति ने वीजा डॉक्यूमेंट फाड़ दिया है और कॉल करने से भी रोक रहा है।
भारत के तमाम राज्यों में स्थित दूतावास को ऐसी महिलाओं की शिकायतें मिलती हैं मंत्रालय ने खासकर ऐसी महिलाओं की शिकायतों को सुनने के लिए एक पोर्टल भी बनाया है जिसका नाम MADAD रखा गया है।

जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामलों से जुड़ी हर शिकायत मंत्रालय के पास नहीं जाती इसलिए असल पीड़ितों का आंकड़ा और अधिक होगा एक सोशियोलॉजिस्ट का कहना है कि भारतीय पैरेंट्स को एनआरआई दूल्हे से बेटी की शादी करने का कुछ अधिक ही शौक होता है जो इस समस्या की एक वजह है।

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