फर्जी पर्ची बनाने एवं बनवाने वालों को भेजें जेल : डीएम

बदायूँ। किसानों के गन्ने की खरीद की समस्या हल की जाए। चीनी मिलों के पिराई सत्र की जांच की जाए। ग्राम ओरामई एवं गुलड़िया सी क्रय केंद्र का स्थलीय सत्यापन कराया जाए। गन्ने की फर्जी पर्ची बनाने वाले अधिकारी एवं बनवाने वालें लोगों पर एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाए।
शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य एवं जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह के समक्ष किसानों की समस्या सुनी गई। डीएम ने किसानों की समस्या सुनते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि ग्राम औरामई एवं गन्ना क्रय केंद्र गुलाड़िया सी का लेखपालों द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी एवं लोगों को किसी भी दशा में बख्शा न जाए और तत्काल दोषी लोगों पर एफआईआर कर दर्ज कर जेल भेजे। डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी एवं चीनी मिल के जनरल मैनेजर गन्ना पिराई का प्रतिशत पूछने पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जीएम ने बताया कि 63 प्रतिशत पिराई हो चुकी है, वास्तव में किसानों के पर्चियो की जांच की गई तो सिर्फ 33 प्रतिशत ही पिराई हो सकी। उन्होंने निर्देश दिए कि चीनी मिलों ने 63 प्रतिशत पिराई कर ली है और किसानों का गन्ना 33 प्रतिशत ही सप्लाई हो चुका है। डीएम ने कड़े निर्देश दिए कि दूसरे जनपद से आने वाले गन्ने पर रोक लगाई जाए और जनपद के किसानों के गन्ने की खरीद की जाए। उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी को निर्देश दिए कि तत्काल जीएम के साथ बैठक कर किसानों की समस्या को हल करें। उन्होंने समस्त चीनी मिल्स जनरल मैनेजरों को निर्देश दिए कि मैदान में बैठकर किसानों की समस्या सुने। किसानों को इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने जीएम को निर्देश दिए कि किसानों को समय से पर्ची उपलब्ध कराकर, उनके गन्ने की खरीद करें।

=>