फतेहपुर

जिले के 65 गांव संक्रामक बीमारियों के मुहाने पर, स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद में सो रहा…

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में 65 गांव संक्रामक बीमारियों के मुहाने में खड़े हैं। यहां स्वास्थ्य महकमे का कोई कार्यक्रम अभी तक नहीं पहुंचा है। नतीजा यह है कि बारिश के बीच फैली गंदगी से यहां बीमारी महामारी का रूप कभी भी ले सकती है, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।
सरकार का निर्देश है कि राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के जरिए जिले में डेंगू-मलेरिया व संक्रामक बीमारियों की रोकथाम का प्रयास हो।

इसके लिए स्वास्थ्य महकमे ने मई महीने में ही जिले के 65 गांव व शहर के मलिन व जल भराव वाले मोहल्लों को चयनित कर लिया था। करीब तीन माह बीत गए, लेकिन इन चयनित स्थानों में मच्छर जनित बीमारियां व संक्रामक बीमारियां रोकने के लिए प्रयास नाकाफी रहे।
मलेरिया, फायलेरिया व संक्रामक विभाग से जुड़े फील्ड कर्मचारी भले ही भ्रमण चार्ट में गांवों का दौरा दिखा रहे हों, लेकिन वाहन के अभाव में यह टीमें गांव नहीं जा पा रहीं।

इस बात को इन विभागों के जिम्मेदारों ने स्वयं वाहन के लिए सीएमओ को भेजे गए मांग पत्र में दर्शाया है।
सीएमओ विनय कुमार का मामले में कहना है कि मलेरिया, फाइलेरिया व संक्रामक टीमें गठित की गयी हैं। इन्होंने क्या काम किया है? इसकी पड़ताल कराई जा रही है।
संक्रामक बीमारियों के मुहाने पर खड़े गांव
तारापुर, रानीपुर, दमापुर, खटौली, शाह, बहुआ, बड़ागांव, शाखा, गाजीपुर, चुरियानी, उरौली, विधातीपुर, बेसड़ी, सातों धर्मपुर, एकारी, बिलंदा, मलांव, तारापुर, खुशरूपुर, कुंभीपुर, पहाडपुर, नकसारा, मुसवापुर, शिवपुरी, खखरेडू, दयालपुर, टेक्सारी बुजुर्ग, मडौली, उकाथू, दपसौरा, देवरी बुजुर्ग, सनी गढ़वा, बबई, गौरा, मुकुंदीपुर, मलिकपुर, रिठवा, मिर्जापुर, कंसमीरीपुर, हरदासपुर, काजीटोला, कलाना, आलमपुर, दारीपुर, कसियापुर, खूंटाझाल, जिगनी, कोरवा, काजीखेड़ा, पूरेदान, लहंगी, गोधरौली, सांई, मौहार, अभयपुर, मदोकीपुर, शिवराजपुर, औंग, आशापुर, बीबीहाट, वाजिदपुर, मुगरीबाद, सहिली, मौहार, भैंसाही व शहर क्षेत्र की मलिन बस्तियां संक्रामक रोगों के मुहाने पर खड़े हैं।

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