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पाकिस्तान के पैसे से यूपी में चल रहे नेटवर्क का भंडाफोड़, 10 गिरफ्तार, 50 लैपटॉप बरामद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एटीएस) ने पाकिस्तान से संचालित आतंकी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए सीएम योगी के गोरखपुर क्षेत्र समेत आस-पास के कई जिलों में छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से बड़ी मात्रा में कैश और इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद हुए हैं। एटीएस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार लोगों के तार मध्य प्रदेश के रीवा में टेरर फंडिंग से जुड़े हैं। एटीएस के मुताबिक, यह एक टेरर फंडिंग नेटवर्क था जो भारत में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकवादियों को पैसे पहुंचाता था।

10 लोग किए गए गिरफ्तार
आईजी एटीएस असीम अरूण और डीआईजी कानून एवं व्यवस्था प्रवीण कुमार ने संयुक्त प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि एटीएस को यह अभिसूचना मिली थी कि पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकी भारत में टेरर फाइनैंसिंग का नेटवर्क संचालित कर रहा है। इस जाँच में 24 मार्च 2018 को 4 जगहों (गोरखपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़, रीवा) तलाशी और पूछताछ की गई तो कई अहम जानकारियां और साक्ष्य मिले। जिसमें 10 लोग गिरफ्तार किए गए। आईजी ने बताया कि जो कुछ लोग पहले पकड़े गए थे। उनसे पूछताछ पर ये गिरफ्तारी हुई है।

पाकिस्तान में बैठे लोग संचालित कर रहे थे गिरोह
आईजी ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे लोग ये गिरोह संचालित कर रहे थे। ये अवैध मनी फ्लो का रैकेट है। इसको कंट्रोल पाकिस्तान से किया जा रहा था। जासूसी और आतंकवाद दोनों की रोकथाम में इनकी गिरफ्तारी से सफलता मिली है। पैसा कहां से आया और कहां को गया इसकी जांच हो रही है। आरोपियों में कुछ लोग सीधे पाकिस्तान के नेटवर्क में थे और वो बाकी लोगो को अपने झांसे में लेकर काम करते थे। कमीशन के तौर पर 10 से 20 प्रतिशत मिलता था और एक करोड़ से अधिक का ट्रांसफर किया गया। आगे और गिरफ्तारी हो सकती हैं हमारे पास जो इंटेलिजेंस इनपुट है उसी के आधार पर इनकी गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने बताया कि अपराधियों के खिलाफ 0 टॉलरेंस के तहत कार्रवाई की गई है।

50 लैपटॉप हुए बरामद
आईजी ने बताया कि कुछ ऐड नेटवर्क चल रहे हैं जैसे सिम बॉक्स और वैसे ही ये इल्लीगल मनी का नेटवर्क है। फेक केवाईसी के नाम से बैंक अकउंट खोलने को कहा जाता है। जिसमे 1 करोड़ रुपया निकला है। नेपाल, पाकिस्तान और कतर तीन देशों से सम्बंधित ये रैकेट है, लेकिन अभी तक पाकिस्तान से इसका संचालन हो रहा था। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है एक एक ट्रांसेक्शन टेरर से रिलेटेड हो। अभी तक जांच में फेंक अकाउंट क्लीयर हुए हैं। इसमें 2 तरह के लोग हैं एक वो जो सीधा पाकिस्तान से बात कर रहे हैं। दूसरे सोचते हैं कि ये क्राइम हो रहा है जो कि लोकल लेवल पर है। इस तरह की इलीगल एक्टिविटी को रोकना जरूरी है। आईजी ने बताया कि आरोपियों के पास से करीब 50 लैपटॉप इसमें रिकवर हुए है। 62 लाख की रिकवरी इसमें हुई है। करीब 1 करोड़ का ट्रांसेक्शन है। ये अकस्मात पुलिस पेट्रोलिंग के उपरान्त की ये स्थिति है।

ताबड़तोड़ मुठभेड़ों में 7 पुलिसकर्मी भी घायल
डीआईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने मुठभेड़ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कुख्यात अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं दो मारे गए। जिसमे 7 पुलिसकर्मी भी घायल हुए है। ये मुठभेड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई है और पेट्रोलिंग के दौरान ये कार्रवाई की गई है। Ak 47 जो मिली है उसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्रिमिनल इंटिलेंजेन से सिस्टम मजबूत हुआ है। जिसके तहत अपराधी बाहर आते है। पिछले 12 घण्टे में जो कार्रवाई की गई है उन्होंने उसकी जानकारी शेयर की।

अपराधियों की गिरफ़्तारी के लिए लगातार धरपकड़ जारी
डीआईजी ने कहा कि अगर अपराधी कहीं गोली चलाता है तो कायरता का परिचय नहीं देना हैं। crpc में जो भी अधिकार दिए गए हैं उनका पालन किया जाता है। पिछले 12 घण्टे में 7 पुलिस कार्रवाइयां हुईं है। 4 जनपदों में 1 लाख का इनामी गौतमबुद्ध नगर में मारा गया है। वांछित अपराधी पर चारों जनपदों में 1 -1 दर्जन मुकदमें दर्ज हैं। उसके कब्जे से एक AK-47 बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि एनकाउंटर्स में 2 कुख्यात मारे गए हैं, और भी इन्वेस्टिगेशन चल रही है। उन्होंने कहा कि हम अपराधियों की गिरफ़्तारी के लिए कई और राज्यों की मशीनरी को भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

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