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पीड़ित परिवार हिंदू हैं, फिर मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा- अखिलेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद ही तय होगा कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा। अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उनके अच्छे मित्र है लेकिन प्रधानमंत्री कौन होगा यह लोकसभा चुनाव के बाद ही तय होगा। गौरतलब है कि राहुल ने कनार्टक चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अगर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर आती है, तो वह प्रधानमंत्री जरूर बनेंगे।

अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कनार्टक की कानून-व्यवस्था की तो चिंता है लेकिन प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बेहत्तर बनाने के लिए उनकी सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्याएं रुक नहीं रही है और इलाहाबाद में एक वकील और सभासद जबकि सहारनपुर दलित नेता की हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि कथित मुठभेड़ से प्रदेश की कानून -व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने डायल 100 सेवा को भी बर्बाद करने का काम किया।

प्रदेश में पुलिस द्वारा किए जा रहे एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि मेरठ के मवाना क्षेत्र में पुलिस ने पिछले नरेन्द्र गुर्जर को फर्जी गोकशी के मामले में इतना मारा कि उसने दम तोड़ दिया। संवाददाताओं के समक्ष यादव ने पीड़ति के भाई को भी पेश किया। उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये। उसका कहना था नरेन्द्र वाहन चलाता था और वह खरीदी गई दुधारु गायों को लेकर जा रहा लेकिन पुलिस ने उसे गोकशी के फर्जी मुकदमें में जेल भेज दिया। पैसे की मांग पूरी नहीं होने पर उसके भाई को इतना मारापीटा गया कि उसने दम तोड़ दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के उत्पीड़न ने दोनों की जान ली है। यह सरकार एनकाउंटर के जरिए भय का माहौल बनाना चाहती है। पहले एनकाउंटर करती है, फिर इनाम घोषित कर दिया जाता है। अखिलेश यादव ने सरकार से उन अपराधियों की सूची जारी करने की मांग की है, जिन पर इनाम घोषित किया गया है।

सीतापुर में कुत्तों के हमलों से बच्चों की मौत के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर करने वाली सरकार कुत्तों के हमलों से बच्चों को क्यों नहीं बचा पा रही।
अखिलेश यादव ने जेल में हुई मौतों पर पीड़ित परिवार के सदस्यों को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि हम पर आरोप लगता था कि हम धर्म देखकर मुआवजा देते हैं। अब तो पीड़ित परिवार हिंदू हैं, फिर मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा।

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