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कर्नाटक संकट LIVE: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सीएम बीएस येदियुरप्पा के लिए आज करो या मरो का दिन…


बेंगलुरू। भाजपा का दावा है कि 10 साल पहले 2008 में भी वह प्रोटेम स्पीकर बन चुके हैं। सामान्यत: सबसे सीनियर विधायक प्रोटेम स्पीकर बनता है। बता दें कि अक्टूबर 2010 में स्पीकर रहने के दौरान उन्होंने (बोपैया) भाजपा के 11 बागियों और पांच निर्दलीयों को अयोग्य घोषित कर सरकार बचाने में येदि की मदद की थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियों के साथ उनका फैसला रद्द कर दिया था। कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा के लिए आज करो या मरो का दिन है। उन्हें शनिवार शाम 4 बजे सदन में बहुमत साबित करना है। इसे देखते हुए कांग्रेस और जेडीएस के विधायक हैदराबाद से बेंगलुरु पहुंच गए हैं। दोनों पार्टियों का दावा है कि सभी विधायक उनके साथ हैं। इससे पहले भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के खिलाफ कांग्रेस शुक्रवार रात को फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। फौरन सुनवाई की मांग की। कोर्ट शनिवार सुबह 10.30 बजे इस पर सुनवाई करेगा।

कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम सिद्धारमैया विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस नेता रामालिंगा रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस विधायक आनंद सिंह हमारे बीच व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं है लेकिन वो हमारे संपर्क में हैं। वो वापस आएंगे और हमारे पक्ष में वोट करेंगे। प्रोटेम स्पीकर केजी बोपैया विधानसभा पहुंचे। येदियुरप्पा विधायकों की बैठक में शामिल होने के लिए होटल पहुंचे। यहां से वे सभी विधायकों के साथ विधानसभा के लिए रवाना होंगे।

जेडी (एस) विधायक हैदराबाद से बेंगलुरु के होटल ली मेरिडियन पहुंचे। भाजपा नेता सदानंद गौड़ा ने कहा कि 4.30 बजे तक का इंतजार करें। हम जीतेंगे और बीएस येदियुरप्पा अगले 5 साल के लिए सीएम होंगे।केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि कांग्रेस और जेडी(एस) का गंठबंधन अपवित्र है। उन्हें खारिज कर दिया जाएगा जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी।

सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि हमारे पास 100% पूर्ण बहुमत है। मैं उन सभी वादों पर कल फैसला लूंगा, जो मैंने कर्नाटक की जनता से किए हैं। कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि भाजपा के पास बहुमत साबित करने के लिए विधायकों की पर्याप्त संख्या नहीं है। विधायक हमारे पक्ष में हैं और हम सरकार बनाएंगे। मलिक्कार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा बहुमत साबित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह ऐसा कर पाने में नाकाम होगी। भाजपा के पास पर्याप्त संख्या नहीं है। हम बहुमत साबित कर जीत हासिल करेंगे।

कांग्रेस विधायकों की दूसरी बस बेंगलुरु के होटल हिल्टन पहुंची। येदियुरप्पा रहेंगे या जाएंगे, इन 2 स्थितियों पर रहेगी नजर विधानसभा में कुल सीट: 224, 2 पर चुनाव नहीं हुए: 222
कुमार स्वामी दो सीट पर चुनाव जीते हैं। ऐसे में उनकी एक और एक प्रोटेम स्पीकर की सीट घटाने पर संख्या 220 रह जाती है।
कर्नाटक में अभी भाजपा के पास 104, कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस+बसपा के पास 38 विधायक हैं।

ऐसे जीत सकते हैं विश्वास मत
11 विपक्षी विधायक गैरहाजिर रहें तो: 209
ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी: 105
भाजपा-स्पीकर 103+ अन्य 2: 105
मौजूदा स्थिति में हार तय
बहुमत के लिए जरूरी: 111
कांग्रेस 78+जेडीएस (38- 1स्वामी): 115
भाजपा (104- स्पीकर):103

आशंका- आठ साल पुराना सीन कहीं आज सदन में फिर न दिखाई दे जाए
12 अक्टूबर 2010 में भी ऐसा ही हुआ था। कर्नाटक में तब भी सरकार भाजपा की थी। सीएम येदियुरप्पा थे और स्पीकर बोपैया। येदियुरप्पा को मदद करने के लिए बोपैया ने 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था।

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 13 मई 2011 के फैसले में कोर्ट ने कहा- ‘बोपैया ने पक्षपाती तरीके से काम किया। उन्होंने स्वाभाविक न्याय तक का उल्लंघन किया।’
कहीं आज वैसी ही स्थिति पैदा न हो जाए।

प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट गईं कांग्रेस-जेडीएस
वजूभाई वाला ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। कांग्रेस और जेडीएस देर शाम इस नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गईं और फौरन सुनवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में शनिवार को सुबह 10.30 बजे से सुनवाई शुरू करेगा।

अमूमन सबसे सीनियर विधायक प्रोटेम स्पीकर बनाए जाते हैं। बोपैया 5 बार के विधायक हैं। सदन में उनसे सीनियर विधायक भी हैं।
इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने कहा भाजपा ने सही काम नहीं किया है संसद में भी विधान ये है कि प्रोटेम स्पीकर का पद सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को दिया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को फ्लोर टेस्ट करने को कहा था

कांग्रेस और जेडीएस की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे। इस तरह शीर्ष अदालत ने राज्यपाल वजूभाई वाला के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्होंने बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था। कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा विनिषा नेरो को विधानसभा में एंग्लो इंडियन सदस्य के तौर पर मनोनीत किए जाने को भी कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट होने तक इस सदस्य को मनोनीत ना करें।

जस्टिस एके सीकरी, अशोक भूषण और एसए बोबडे की बेंच ने कहा सबसे बड़ी पार्टी को बुलाना सही या गलत? कोर्ट इसकी सुनवाई को भी तैयार। 6 हफ्ते में जवाब मांगा है। इस पर 10 हफ्ते बाद होगी सुनवाई।

इसके अलावा ये 3 निर्देश भी दिए

येदियुरप्पा सरकार अभी कोई भी पॉलिसी से जुड़े फैसले नहीं लेगी। सदन में बहुमत साबित करने के दौरान कनार्टक के डीजीपी उचित सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी लेंगे। सरकार बनाने के लिए भाजपा को न्योता देने का फैसला सही या नहीं इस पर 10 हफ्ते बाद सुनवाई करेंगे।

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