हरदोई

हरदोई-मौत के साये में पढ़ाई करते स्कूली बच्चे,अधिकारी बेखबर

हरदोई-19मई एक ऐसा स्कूल जहां हर वक्त मौत के साये में नौनिहाल रहते हैं। शिक्षकों पर भी यहाँ मौत मंडराती रहती है। पर प्रशासन को इनकी कोई फिकर नही है। अगर कोई हादसा हो जाए तो फिर बनारस की तरह मुआवजा दे देगी सरकार! पर क्या मातम में बदले परिवार की खुशियाँ वापस लौटा सकता है कोई? हम बात कर रहे हैं हरदोई शहर के प्राथमिक विद्यालय महोलिया शिवपार की बिल्डिंग में स्कूल चलता है, अंग्रेजी हुकूमत में बनकर 1933 में तैयार हुई इमारत अब खंडहर हो गयी है। जगह-जगह चिटकी हुई दीवारें मानो मौत बनकर गिरने को तैयार हों, देश का भविष्य इस खंडहर इमारत में कैसे संवर रहा है।प्राथमिक विद्यालय महोलिया शिवपार विद्यालय की प्रधानाध्यापक मधुलता पांडेय ने बताया कि पूरे स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हो गयी है। कई बार विभाग को लिखा जा चुका है पर कोई सार्थक कदम नही उठाया गया। ऐसे में स्कूली बच्चे ही नही शिक्षिकायें भी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कराती है। पूरे स्कूल में कोई भी महफूज स्थान नही है, जहां पर कक्षाएं संचालित हो सकें।शिक्षिका अंजली मिश्रा ने बताया कि चिटकी हुई दीवारें देखकर हर समय डर लगा रहता है। बच्चों की बेहद चिंता रहती है,पर आखिर कक्षाएं कहां लगाई जाएं, कोई विकल्प नही है। बनारस हादसे को देखकर इस स्कूल के सभी बच्चों व स्टाफ में दहशत व्याप्त हो गयी है। शिक्षिका बीना सोनी ने बताया कि गंदा पानी भी स्कूल में भरा रहता है। जिससे बच्चों में बीमारियों का भय बना रहता है। बारिश में मोहल्ले भर का गंदा पानी स्कूल में भर जाता है।यहाँ हुए निर्माण कार्यों में विभागीयअधिकारियों की भृष्ट नीति का भी खुलासा हुआ। 2009 में बने अतिरिक्त कक्ष की दीवारें भी चिटकी हुई हैं जबकि फर्श की जगह मिट्टी की धूल दिखाई देती है। ऐसे में यही शब्द हर किसी की जुबान पर आता है कि काश! यदि अतिरिक्त कक्ष के निर्माण में ठेकेदारों व विभागीय अधिकारियों ने बंदरबांट न किया होता तो यही अतिरिक्त कक्ष आज स्कूली बच्चों व शिक्षकों के लिए वरदान साबित होता।हालांकि खंड शिक्षा अधिकारी बावन ने बीते वर्ष जुलाई में स्कूल निरीक्षण के दौरान जांच में पाया था कि स्कूल के सभी भवन जर्जर हैं, पर साल भर से जिम्मेदारों की आंखें नही खुलीं।ऐसे में यदि समय रहते हादसे की रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया गया तो बनारस हादसे की तरह अफसोस करने के सिवाय कुछ नही होगा।
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