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कर्नाटक में स्पीकर का चुनाव लड़ेगी भाजपा, जानें पूरा मामला…

बेंगलुरु। भाजपा की तरफ से 5 बार के विधायक सुरेश कुमार ने नॉमिनेशन फाइल किया है। कुमारस्वामी की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार स्पीकर के लिए दावेदार हैं। कांग्रेस ने बड़ी ही आसानी से अपने उम्मीदवार के स्पीकर चुने जाने का दावा किया है। सुरेश कुमार ने कहा कि 12.30 बजे चुनाव हैं और इसके बाद आपको नतीजे पता चल जाएंगे। कर्नाटक में गुरुवार को विश्वासमत साबित करने से पहले भी कुमारस्वामी को विधानसभा में अपनी ताकत दिखानी होगी। बहुमत साबित करने से पहले भाजपा और जेडीएस-कांग्रेस उम्मीदवारों में से कोई एक विधानसभा अध्यक्ष चुना जाएगा।

स्पीकर के चुनाव के बाद फ्लोर टेस्ट

कर्नाटक में कुल सीटें 224 हैं। दो पर मतदान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी दो सीटों पर चुनाव जीतें हैं। इसलिए उनकी एक सीट कम हो जाएगी।

कुमारस्वामी की एक सीट और एक स्पीकर घटाने पर संख्या बचती है = 220

बहुमत के लिए जरूरी = 111
कांग्रेस (78-1 स्पीकर) + जेडीएस (38-1 कुमारस्वामी) = 114
भाजपा = 104

अध्यक्ष पद के लिए भाजपा को भी जीत का भरोसा

सुरेश कुमार ने कहा कि बीएस येदियुरप्पा और दूसरे नेताओं के कहने पर उन्होंने नॉमिनेशन फाइल किया। संख्याबल और दूसरे अन्य कारकों को देखते हुए पार्टी नेताओं को ये भरोसा है कि मैं चुनाव जीत जाऊंगा। इसी विश्वास को देखते हुए मैंने नॉमिनेशन फाइल किया है।
सुरेश के साथ भाजपा विधायक सीएन अश्वथनारायण और सुशील कुमार नॉमिनेशन के दौरान मौजूद थे। कांग्रेस के रमेश कुमार के साथ कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष और उप-मुख्यमंत्री जी परमेश्वर, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और दूसरे नेता मौजूद थे।

सिद्धारमैया ने कहा रमेश कुमार को कांग्रेस और जेडीएस ने एक स्वर में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चुना है। मुझे पता चला है कि भाजपा ने भी इस पद के लिए दावेदारी की है। मुझे उम्मीद है कि वे नॉमिनेशन वापस ले लेंगे। अगर चुनाव हुआ तो रमेश कुमार की जीत तय है। उनके पास 1994 से 1999 तक अध्यक्ष रहने का अनुभव है।

9 दिन से होटल में हैं कांग्रेस-जेडीएस विधायक
विश्वासमत से पहले कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को होटल में ही रखा गया है। कांग्रेस के विधायक हिल्टन एम्बेसी गोल्फलिंक में हैं जबकि जेडीएस के विधायक प्रेस्टीज गोल्फशायर रिसॉर्ट में हैं। कांग्रेस के एक नेता ने नाम जाहिर ना करने की शर्त पर बताया हमारे विधायक विश्वासमत साबित होने तक रिसॉर्ट में रहेंगे। उसके बाद वे अपने परिवार से मिलने के लिए स्वतंत्र हैं।

फोन पर पाबंदी, घर जाने पर रोक- रिपोर्ट
विधायकों को टेलीफोन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई है। विधायकों ने केवल एक दिन के लिए अपने घर जाने की इजाजत मांगी लेकिन इसे भी नामंजूर कर दिया गया। विधायकों को मीडिया से भी दूर रखा गया है। कांग्रेस और जेडीएस नेताओं ने इन खबरों को खारिज कर दिया है। एक नेता ने कहा कि विधायकों को कैद करके रखने की खबरें गलत हैं। अगर आप इसे कैद कहते हैं तो हर कोई उनकी (विधायकों) तरह होना चाहेगा। लोग ये भूल रहे हैं कि वे बेहद सुख-सुविधा वाले होटलों में हैं जहां का खर्च आम आदमी नहीं उठा सकता है।

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