रेप करने के आरोप के बाद, रेप केस कराने के मामले में, हिरासत में भेजे गए गायत्री

लखनऊ। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ आईपीएस और उनकी पत्नी को कथित दुराचार समेत अन्य मामलों में फंसाने के मामले में बुधवार को सीजेएम कोर्ट ने गायत्री को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही मामले में चार्ज फ्रेम करने के लिए अगली सुनवाई 18 अगस्त को निश्चित की है।

गौरतलब है कि आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डा. नूतन ठाकुर को गाजियाबाद की एक महिला की सहायता से फर्जी रेप केस सहित अन्य फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और अन्य के खिलाफ थाना गोमतीनगर में दर्ज मुकदमे में बीते 24 को लखनऊ पुलिस ने प्रजापति के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था।

जिस पर बीते मंगलवार को सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने प्रजापति के विरुद्ध धारा 211 व 120बी आईपीसी में आरोप पर संज्ञान लिया है। तब सीजेएम ने अपने आदेश में कहा कि अमिताभ और नूतन के खिलाफ दर्ज कराये गए बलात्कार के केस की पत्रावली और इस केस के समस्त केस डायरी से श्री प्रजापति के खिलाफ धारा 211 व 120बी आईपीसी में आरोप पर संज्ञान लेने के पर्याप्त आधार हैं। सीजेएम ने गायत्री पर मुक़दमा चलाए जाने और विवेचक क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर दीपन यादव को आज कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था।

बुधवार को इस मामले में सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने श्री प्रजापति के विरुद्ध पूर्व न्यायिक हिरासत को निरस्त करते हुए, उन्हें धारा 211 व 120बी आईपीसी में न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही मामले में चार्ज फ्रेम करने के लिए अगली सुनवाई 18 अगस्त को निश्चित की है।

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