उत्तर प्रदेशजौनपुर

सचिवों की हड़ताल से ओडीएफ पर ब्रेक

जौनपुर। ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले कार्यों में ग्राम पंचायत सचिव का अहम रोल है। वर्तमान में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी खुले में शौचमुक्त योजना संचालित है। ओडीएफ की रफ्तार को लेकर जिला प्रशासन बेहद गंभीर है। लेकिन पंचायत सचिवों की हड़ताल से ओडीएफ की प्रगति पर ब्रेक लग गया है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांवों में गरीबों के शौचालय बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश को प्रथम चरण में खुले में शौचमुक्त किए जाने का बीड़ा उठाया है, जिसके तहत पूरे जिले में शौचालय निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए निर्धारित समय सीमा दो अक्टूबर 2018 निर्धारित की गई है लेकिन जिले के प्रशासनिक अधिकारी तय समय सीमा से पूर्व ही जिले को ओडीएफ कराने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। ओडीएफ की प्रगति की निरंतर समीक्षा जिलाधिकारी कर रहे हैं। जिले को ओडीएफ घोषित कराने के लिए तेज से कार्य हो रहा था लेकिन अब ग्राम पंचायत सचिवों ने विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे इस महत्वाकांक्षी योजना पर ब्रेक लग गया है। इनका कहना है। जिला पंचायत राज अधिकारी बताते हैं कि गांवों में गरीबों के शौचालय बनाने के लिए प्रधान पूरी तेजी से जुटे हैं। हालांकि सचिवों की हड़ताल से प्रगति पर असर तो पड़ा है, लेकिन शासन स्तर पर सचिवों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए प्रयास चल रहे हैं, ताकि ओडीएफ के लक्ष्य को तय समय पर पूरा किया जा सके।

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