लखनऊ

संस्कार महाकुंभ में संस्कारी बच्चों का किया गया सम्मान

लखनऊ। गीता परिवार लखनऊ ने संस्कार महाकुंभ का आयोजन सीएमएस सभागार गोमतीनगर विस्तार में किया, 351 संस्कार पथ शिविरों के समापन अवसर पर संस्कार महाकुंभ में कार्यक्रम का आगाज संपूर्ण वंदेमातरम से किया गया तथा 1500 से अधिक बालक-बालिकाओं ने तिरंगे (केसरिया, सफेद व हरा) समूह में श्रीमद्भगवद्गीता के 12वें अध्याय का सस्वर पाठ तथा संगीतमय योगसोपान के 16 योगों का अविस्मरणीय प्रस्तुति दी। गीता परिवार आयोजित संस्कार महाकुंभ का उद्घाटन के बाद उ.प्र. के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि गीता का एक-एक श्लोक ज्ञान का भण्डार है। गीता निष्काम कर्म का दर्शन है। गीता ज्ञान को प्रकाशमान करती है और छिपी शक्ति को स्वतंत्र करती है। बच्चे अपने विद्यार्थी धर्म का पालन करें। इस अवस्था के बच्चों का धर्म शिक्षा ग्रहण करना है। जैसे भगवान राम ने पुत्र धर्म, उनके अनुज लक्ष्मण ने भ्राता धर्म तथा माता सीता से पत्नी धर्म निभाया, उसी तरह बच्चे अपने कर्तव्य को पहचाने। सिर्फ किताबी क्रीड़ा न बनकर रहें। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए खेलकूद मंे प्रतिभाग करें। उन्होंने छात्र जीवन से सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया। सफलता प्राप्ति के जीवन मंे निरन्तर चलते रहना अर्थात् चरैवेति चरैवित शाश्वत संदेश दिया।
गीता परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. आशु गोयल ने गीता परिवार के विषय में बताया कि किस प्रकार से 32 वर्ष पूर्व स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज और स्व. श्री ओंकारनाथ मालपाणी जी ने कि जो बालकों के नैतिक, चारित्रिक, बौद्धिक व शारीरिक उत्थान के लिए गीता परिवार की स्थापना की। इसकी उत्तर प्रदेश की लखनऊ शाखा में प्रतिवर्ष ग्रीष्मकाल में विभिन्न विद्यालयों व सार्वजनिक स्थानों पर निःशुल्क संस्कार पथ शिविर आयोजित किये जाते है। राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. संजय मालपाणी ने बताया कि इस समय गीता परिवार 19 वर्ष से बच्चों के संस्कार शिविर आयोजित कर रहा है। स्वामीजी सदैव ही सबको जमीनी स्तर पर कार्य करने को कहते है। 19 राज्यों में कार्य विस्तार के साथ सूर्य नमस्कार, भगवद्गीता, प्रज्ञा संवर्धन और संस्कारों के अनेक आयामों में गीता परिवार ने पूरे देश में अनेक कीर्तिमान स्थापित किये हैं। गीता परिवार बालकों में देशभक्ति, राष्ट्रीयता, चारित्रिक, मानसिक व बौद्धिक उन्नयन करने हेतु प्रतिबद्ध है। गीता परिवार की सहयोगी संस्था हेमा फाउंडेशन द्वारा विद्यालयों में नैतिक शिक्षा के नए पाठयक्रम हेमदिशा का अनावरण भी राज्यपाल के द्वारा किया गया।
इस मौके पर महापौर संयुक्ता भाटिया, सीएमएस संस्थापक प्रबंधक डा. जगदीश गांधी, संरक्षक गिरजाशंकर अग्रवाल, सुधीर शंकर हलवासिया, राजीव मिश्रा, राजेन्द्र गोयल, अनुपम मित्तल, उपाध्यक्ष अरविन्द शर्मा, महासचिव अनुराग पाण्डेय, संस्कार पथ संयोजक शिवेन्द्र मिश्रा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में गीता परिवार के 18 बच्चों ने संपूर्ण गीता को कंठस्थ किया है राज्यपाल ने उन सभी बच्चों की परीक्षा ली उन्होंने ज्योति शुक्ला, कविता वर्मा, रूपल शुक्ला, अंजलि द्विवेदी, आविर्भाव शुक्ला, सूर्या गुप्ता, तान्वी अवस्थी, अनुष्का अवस्थी, अंशिका शुक्ला, अभिषेक द्विवेदी, ख्याति, सोनलिका, जान्हवी तिवारी, कशिश तिवारी, जान्हवीराज साहू, वैष्णवीराज साहू, शिवांशी गुप्ता, सुभाषिनी को सम्मानित किया। अध्यक्षता कर रहे हैं वरिष्ठ शिक्षाविद् डा. जगदीश गांधी द्वारा अध्यक्षीय भाषण में महामहिम राज्यपाल व कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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