हरदोई: कटियारी के मठाधीशों से आखिर क्योँ दुबक रही एन टी भू माफिया

हरदोई-विकास खंड हरपालपुर के इकनौरा गांव में तालाबों पर अतिक्रमण कर गांव से बरसात के पानी का निकास पूरी तरह अबरुद्ध कर लोगो ने इन सरकारी तालाबों को पाटकर निर्माण करा लिए है जिससे बरसात के मौसम में गलियो में तीन से चार फ़ीट तक पानी भर गया है जहाँ से हर रोज नौनिहालों को स्कूल जाने में दिक्कतें हो रही है।

लगातार गन्दा पानी भरने से काफी दुर्गन्ध आ रही है जिससे संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है।कटियारी में बाढ़ भले ही अभी न आई हो लेकिन मौसम की बरसात ने ही हरपालपुर विकास खंड के इकनौरा गांव की हकीकत की पोल खोल दी है।यह नजारा किसी तालाब या नदी का नही है जी हाँ शासन प्रशासन की लापरवाही से गांव का मुख्य आवागमन बंद होे चुका है यहाँ गांव की मुख्य गली में तीन से चार फ़ीट तक पानी बह रहा है जहाँ से हर रोज नोनिहालों को स्कूलों के लिए इसी गली से निकलना पड़ता है।

समाधान दिवस से लेकर तहसील में गांव के तालाब को बंद कर उस पर अतिक्रमण कर पानी के निकास को बंद करने की ग्रामीणों ने शिकायते तो की लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अभी तक समस्या का कोई निदान नही हुआ नतीजतन अब गांव के मुख्य मार्ग पर तालाब जैसा नजारा बन गया।इसी गली से बच्चों को स्कूलों के लिए गुजरना पड़ता है गांव निवासी राजीव कुमार,मदनचंद्र,सुनील कुमार,अनिल कुमार,कमलेश कुमार,उपदेश कुमार ने समस्या के बारे में बताया कि ग्राम समाधान दिवस में इसकी शिकायत की लेकिन समस्या का निदान नही हो सका।गांव से जलनिकासी की व्यबस्था पूरी तरह बंद है।

जलभराब की बजह से स्कूली बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है।एक माह से गली में भरे इस पानी से संक्रामक रोगों के पनपने की आशंका बलबती होती जा रही है।हालाँकि तत्कालीन एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने तालाबों पर अतिक्रमण कर गांव की बंद नालियों एवं जलनिकासी की हकीकत गांव पहुंचकर देखी लेकिन उसके बाद उनका स्थानांतरण होने से कार्यवाई पर ग्रहण लग गया।उधर खंड विकास अधिकारी वंदना जौहरी ने भी गांव पहुंचकर लोगों की इस समस्या को देखकर खेद व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट भेजने की बात कही थी।लेकिन समस्या का अभी तक निदान नही हो सका।

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