तबाही का वो दिन जिसे याद करते ही आज भी सहम जाती हैं दुनिया…

नई दिल्ली । दूसरे विश्व युद्ध में अमेरिका द्वारा जापान के हिरोशिमा शहर पर गिराए गए परमाणु बम की तबाही को आज भी पूरा विश्व नहीं भूल पाया है। आज 6 अगस्त को विश्व हिरोशिमा दिवस है। साल 1945, दिन 6 अगस्त मानव इतिहास को वो काला दिन जिसे याद करते ही आज भी लोग सिहर उठते हैं। 6 अगस्त करीब सवा आठ बजे जापानवासियों के लिए वो भयानक तबाही लेकर आया जिससे वो आज तक पूरी तरह से उभर नहीं पाए हैं।

अमेरिका ने जापान के शहर हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था जिससे पूरा विश्व सहम गया था। इस हमले में शहर की करीब 30 प्रतिशत आबादी की मौत हो गई थी और हमले के बाद कई सालों तक हजारों लोगों को संक्रमण के चलते अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस हमले में करीब 1 लाख लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले में शहर के करीब 90 फीसद ड़ॉक्टर मारे गए थे।

अमेरिका द्वारा गिराए गए परमाणु बम को ‘लिटिल बॉय’ का नाम दिया गया। यह बम 4 हजार किलोग्राम का था और इसके विस्फोट से करीब 4 हजार डिग्री सेल्सियस तक की डिग्री पैदा हो गई थी। बम में करीब 6.4 किलोग्राम प्‍लूटोनियम का प्रयोग किया गया था। आज भी उस शहर के लोग बम की विभीषिका झेल रहे हैं।

बताया जाता है कि दूसरा विश्व अपने अंतिम दिनों में था। मित्र राष्ट्रों जिसमें अमेरिका शामिल था जिसके सामने धुरी राष्ट्र लगभग परास्त हो चुके थे लेकिन अमेरिका ने पूरे विश्व को अपनी ताकत दिखाने और परमाणु बम की परीक्षण के लिए जापान के हिरोशिमा शहर पर परमाणु बम गिरा दिया। इतना ही नहीं इसके बाद 9 अगस्त को जापान के दूसरे शहर नागासाकी पर भी अमेरिका ने बम गिराया।

अमेरिका की इस कार्रवाई की कई देशों ने तीखी आलोचना भी की थी। आज विश्व लगातार हथियारों की होड़ में आगे बढ़ता जा रहा है। कई देश परमाणु संपन्न हो गए हैं। आज के परमाणु अमेरिका द्वारा 1945 में गिराए गए परमाणू से हजार गुना बड़े हैं। जब उस छोटे से बम ने इतनी भारी तबाही मचाई जिसे उस शहर के लोग आज भी भुगत रहे हैं तो आज के परमाणु कितनी बड़ी तबाही कर सकते हैं ये कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए मानव सुरक्षा के लिहाज से परमाणु कार्यक्रमों को रोका जाना बहुत आवश्यक है।

 

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