Thursday, October 1, 2020 at 8:06 AM

संतुलित विकास ही उत्तर प्रदेश की है आवश्यकता : मोदी

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में 60 हजार करोड़ रुपए की 81 निवेश परियोजनाओं का शुभारम्भ करते हुए कहा कि किसी कार्य के प्रति प्रतिबद्धता सफलता दिलाती है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सर्वांगीण विकास के साथ-साथ संतुलित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मोदी ने कहा कि ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल परियोजनाएं राज्य के सभी क्षेत्रों में स्थापित की जा रही हैं। संतुलित विकास ही उत्तर प्रदेश की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश में कार्य संस्कृति में बहुत कम समय में सकारात्मक बदलाव आया है। पिछले पांच महीनां में यह दूसरा मौका है जब वे लखनऊ में उद्योगपतियों से मिल रहे हैं। इससे पहले फरवरी, 2018 में इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योगपतियों से मुलाकात हुई थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ईज़ ऑफ गेटिंग इलेक्ट्रीसिटी के मामले में भारत ने 82 अंकों की छलांग लगाई है। सरकार घर-घर बिजली पहुंचाने के साथ-साथ 24 घण्टे निर्बाध बिजली मुहैया कराने के लिए काम कर रही है। इसके लिए ट्रांसमिशन लाइनों को ठीक किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का भी हब बनता जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के व्यापारियों से कैश पेमेण्ट छोड़कर डिजिटल पेमेण्ट अपनाने के लिए भी कहा। विद्युत क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो भी रिफॉर्म्स हुए हैं, उनसे देशवासियों के हजारों करोड़ रुपयों की बचत हुई है। उदय योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसने डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनियों को नई लाइफलाइन दी है। उजाला योजना के तहत एलईडी बल्ब लगाये गये, उससे तीन वर्षों के दौरान बिजली के बिल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। देश अब पारम्परिक ऊर्जा से ग्रिड ऊर्जा की तरफ बढ़ रहा है। सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है, शीघ्र ही उत्तर प्रदेश इसका हब बनने वाला है। उन्होंने एनर्जी डेफिसिट का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व में यह काफी ज्यादा था, परन्तु अब यह एक प्रतिशत से कम हो गया है। बिजली के लिए कोयले के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह हमारे लिए लाभकारी हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़कें विकास का कारक हैं। उत्तर प्रदेश में शीघ्र ही एक्सप्रेस वेज का नेटवर्क होगा। पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे के बनने के पश्चात इस क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। देश और प्रदेश के विकास में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग जगत से कृषि क्षेत्र में अपना निवेश बढ़ाने का भी आग्रह किया। इससे किसान को लाभ होगा। केन्द्र सरकार कृषि क्षेत्र में कारपोरेट इन्वेस्टमेण्ट लाने के प्रयास कर रही है। निवेश कैसे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे इस पर काम किया जाएगा।

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