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एक लाख रूपयों की नकदी सहित लाखों की ग्रहस्थी जलकर खाक

मोहम्मदी खीरी। कोतवाली की रेहरिया पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम बरखेरा निवासी मिश्रीलाल पुत्र जवाहर सिंह कुशवाहा के मकान में आधी रात के आस-पास रहस्यमय तरीके से आग लग गयी। जिसमें एक लाख रूपयो की नकदी सहित लाखों रूपयों की ग्रहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। आग कैसे लगी और पूरे घर में कैसे फैल गयी ये रहस्य बना हुआ है। ग्रहस्वामी के द्वारा आग लगाए जाने की शंका व्यक्त की गयी है। बरसात में लगी आग ने चन्द पलों में पूरे घर को अपने आगोश में कैसे ले लिया, ये रहस्य सा बना हुआ है।
ग्राम बरखेरा निवासी मिश्रीलाल पुत्र जवाहर सिंह कुशवाहा का परिवार बीती रात सुकून से सो रहा था। आधी रात को जवाहर की आंख आग की उठ रही लपटां की गर्मी से खुली तो देखा पूरा घर ही धू-धू कर जल रहा था। आग देखकर घर में कोहराम सा मच गया। परिवारजनों की चीख-पुकार सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी आ पहुंचे और हर कोई आग बुझाने का हर सम्भव प्रयास करने लगा। लेकिन आग थी कि वह काबू में आने का नाम ही नही ले रही थी और देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपने आगोश में समा लिया। जिसमें जल ग्रहस्थी का समस्त सामान, रजाई, गद्दे, बर्तन, अनाज, कपड़े और बक्से-बर्तन सबकुछ जलकर राख हो गया। भैस लाने के लिये रखे एक लाख रूपयों की नकदी सहित, जेबर, कपड़े भी जलकर रखा हो गये। जले नोट दिखाते हुए जवाहर ने बताया कि भैंस खरीदने के लिये इधर-उधर से मांग कर एक लाख रूपया एकत्र कर रखा था कि भैंस ले आयेगे। जिसके दूध की बिक्री से परिवार का खर्च चलेगा। वह भी जलकर राख हो गये। निरन्तर हो रही वर्षा के बीच घर में आग कैसे लगी ? जिसने पूरे घर को अपने आगोश में कैसे ले लिया ? के प्रश्न पर जवहार ने शंका व्यक्त की है कि आग किसी के द्वारा लगाई गयी है। शंका ये भी व्यक्त की जा रही है कि कोई ज्वलनशील पदार्थ जैसे मिट्टी का तेल या पेट्रोल आदि डालकर तो आग नहीं लगाई गयी ? आग कैसे लगी ? किसने लगाई ? ये जांच का विषय है वही इस आग ने जवाहर से एक समय के भोजन का अनाज, पहनने के कपड़े, बर्तन, बिस्तर सबकुछ छीनकर उसके परिवार को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया। अभी तक इस अग्नि पीड़ित परिवार को न कोई सरकारी सहायता मिली और न किसी सामाजिक संस्था व समाज सेवी ने सहायता पहुचाई है।

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