Wednesday, October 21, 2020 at 5:34 PM

विचार मित्र

बिहार चुनाव: बीच विमर्श में पाकिस्तान ?

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निर्मल रानी बिहार विधान सभा में चुनाव प्रचार ने अपनी रफ़्तार पकड़ ली है। इस बार के चुनावों में कुछ नए राजनैतिक समीकरण भी देखने को मिल रहे हैं। आम तौर पर चुनावों में सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों व विगत पांच वर्ष की अपनी कारगुज़ारियों व जनता के लिए किये गए अपने लोकहितकारी योजनाओं को गिनाकर वोट मांगता है। तो …

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महिला सम्मान को तार-तार करते नेताओं के बोल

राजेश माहेश्वरी मप्र में विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने जा रहे हैं। इन उपचुनावों में प्रचार का स्तर बहुत ही निम्न स्तर तक पहुंच गया है। एक ओर जहां भाजपा के नेता कांग्रेस पर जमकर हमला बोल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के नेता अपने बयानों से सारी मर्यादाओं को तार-तार कर रहे हैं। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री …

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सामुदायिक संक्रमण, वैक्सीन, कोरोना की विदाई

ललित गर्ग भारत में कोरोना संक्रमण के कहर को झेल रही जिन्दगी बड़े कठोर दौर के बाद अब सामान्य होने की कगार पर दिखाई दे रही है। वैज्ञानिकों की नेशनल सुपर मॉडल समिति ने दावा किया है कि देश में कोरोना का चरम सितम्बर में ही आ चुका था और फरवरी 2021 में कोरोना का वायरस फ्लैट हो जाएगा। इस …

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ड्रग्स-शराब-नशा और सरकार का दोहरापन

तनवीर जाफ़री फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 14 जून 2020 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई अफ़सोसनाक मौत के बाद एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने,एक दूसरे को लांछित करने, मीडिया द्वारा इस मुद्दे पर ‘नागिन डांस’ करते हुए ख़ुद को ‘मुंसिफ़’ के रूप में पेश करने और इस विषय को झूठ-सच के घालमेल से अनावश्यक रूप से लंबे समय …

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योजनाओं के केन्द्र में कौन? गरीब या सत्ता?

ललित गर्ग कोरोना महामारी के कारण अस्तव्यस्त हुई अर्थ-व्यवस्था एवं जीवन निर्वाह के संकट से गरीबी बढ़ी है। गरीबी पहले भी अभिशाप थी लेकिन अब यह संकट और गहराया है। गरीबी केवल भारत की ही नहीं, बल्कि दुनिया की एक बड़ी समस्या है। दुनियाभर में फैली गरीबी के निराकरण के लिए ही संयुक्त राष्ट्र में साल 1992 में हर साल …

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यह राक्षसीय विचार आख़िर आते कहाँ से हैं ?

निर्मल रानी   सोशल मीडिया पर अपनी औक़ात दिखाने की एक और बेहद शर्मनाक व चिंताजनक घटना इन दिनों देश का ध्यान आकर्षित कर रही है। यह घटना देश के क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ी तथा देश के खेल जगत का गौरव समझे जाने वाले खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी से जुड़ी है। ग़ौर तलब है कि धोनी इन दिनों आई …

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अर्थव्यवस्था में प्राण फूंकने का तीसरा पैकेज

ललित गर्ग कोरोना महामारी के कारण अस्तव्यस्त हुई अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये केन्द्र सरकार की ओर से एक बार फिर प्रोत्साहन पैकेज घोषित किये गये हैं, यह पैकेज सुस्त अर्थ-व्यवस्था को स्पंदन एवं गति देने कितने सहायक होंगे, यह भविष्य के गर्भ में हैं। लेकिन उसका मूल मकसद बाजार को सक्रिय करना, मांग पैदा करना है। …

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बिहार चुनाव की धुंधली तस्वीर!

राजेश माहेश्वरी बिहार विधानसभा चुनाव दिन ब दिन नये रंग तो दिखा ही रहा है, वहीं वो दिलचस्प भी हो रहा है। नये नये गठबंधन, नेताओं की बदलती आस्था। वोटरों द्वारा नेताओं की जांच-परख। न्यूज चैनलों पर नेताओं के तर्क-वितर्क। जनता की आवाज। कुल मिलाकर बिहार पूरी तरह से चुनाव के रंग में डूब चुका है। पिछली बार भी बिहार …

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देश की दिनचर्या को नियोजित करने की जरूरत

ललित गर्ग नैशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (एनएसओ) ने पहली बार एक ऐसा सर्वे करवाया है जिससे पता चलता है कि देशवासी रोज के 24 घंटों में से कितना समय किन कार्यों में बिताते हैं। यह टाइम यूज सर्वे पिछले साल जनवरी से लेकर दिसंबर के बीच हुआ और इससे कई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं जो आगे नीति निर्माण के साथ-साथ …

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सामाजिक खाई पैदा करते ये संकीर्ण मानसिकता के लोग

तनवीर जाफ़री भारत वर्ष की समाजिक व्यवस्था सदियों से धार्मिक व सामाजिक सद्भाव व सौहार्द पर आधारित रही है। देश के ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं जो हमें यह बताते आ रहे हैं कि किस तरह हमारे पूर्वजों ने सौहार्द की वह बुनियाद रखी जिस का अनुसरण आज तक हमारा देश और यहाँ के बहुसंख्य लोग करते आ रहे हैं। उदाहरण …

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