ग्रामीणों की शिकायत पर जांच को पहुंचे बीईओ

सुपौल ।  ग्रामीणों ने पिछले दिनों खाद्यान्न वितरण में भारी अनियमितता पर विद्यालय पहुंच कर जमकर हंगामा किया था। ग्रामीणों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक कोशी प्रमंडल सहरसा को आवेदन देकर विद्यालय प्रधान पर खाद्यान्न वितरण में भारी अनियमितता, मनमानी तरीके से विद्यालय का संचालन करने, स्नातक ग्रेड के शिक्षक रहते स्वयं के द्वारा विद्यालय का प्रभार में बने रहने की शिकायत की थी। जिसके आलोक में गुरुवार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी छातापुर नंद किशोर सिंह ने विद्यालय पहुंच कर विभिन्न संचिकाओं की जांच-पड़ताल की।अभिलेख अद्यतन नहीं रहने, खाद्यान्न वितरण में अनियमितता और अभिभावकों के साथ मनमाने तरीके से पेश आने पर विद्यालय प्रधान झमेली शर्मा को कड़ी फटकार लगाई।बीईओ ने विद्यालय प्रधान को आदेश दिया कि लाभुकों को खाद्यान्न उचित मात्रा में तौल कर दें।अभिभावकों से शिष्टाचार में ही बात करें। शौचालय, वर्ग कक्ष आदि को साफ रखें। शिक्षकों के साथ भेदभाव पर भी बीईओ ने विद्यालय प्रधान को सख्त हिदायत दी। विद्यालय प्रधान द्वारा शिक्षकों पर राजनीति करने के आरोप को बीईओ ने बेबुनियाद बताया और झमेली शर्मा को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह का मनमानी रवैया रहा तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी। बीईओ ने स्नातक ग्रेड के दोनों शिक्षक राजकुमार राम और जुबैर आलम से विद्यालय प्रधान पद पर नहीं रहने का कारण पूछा तो दोनों शिक्षकों ने कार्य करने में असमर्थता जाहिर की। बीईओ ने अभिभावकों को बताया कि विद्यालय प्रधान को हिदायत दी गई है।

See also  मनरेगा के कार्यान्वयन पर विचार