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सुहागिनों ने श्रद्धा व भक्ति के साथ वट वृक्ष की पूजा कर पति के दीर्घायु होने का मांगा आशीष 

वट वृक्ष की पूजा

दरभंगा। पति के दीर्घायु होने की कामना को लेकर मनाया जाने वाला पर्व वट सावित्री गुरुवार को पूरे जिला में पारम्परिक तरीके से मनाया गया। महिलाओं ने श्रद्धा व भक्ति के साथ पूजा-अर्चना कर पति के दीर्घायु होने की आशीष मांगी। सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री के अवसर पर उपवास रख, नए वस्त्र पहन सोलह श्रृंगार कर वट वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना कर अपने-अपने पति के लंबी आयु के लिए दुआ मांगी।

इस पर्व में  महिला अपने पति के दीर्घायु होने के लिए वट वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना करती है तथा वृक्ष को अपने लाल धागे से बांधते हुए वृक्ष के चारों ओर सात बार चक्कर लगाती है तथा ईश्वर से प्रार्थना करती है कि उसके पति की आयु लंबी हो। वट वृक्ष के नीचे पूजा करने के बाद घर पहुंच कर सुहागिनों ने पति को शीतल जल पिलाया और पैर छू कर आशीर्वाद लिए। साथ ही अपने हाथों से पति को पंखा झेलकर वट सावित्री पूजा के रस्म को पूरा किया गया। वट वृक्ष के नीचे पूजा - अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ सुबह से ही लगी रही।

पौराणिक मान्यताओं अनुसार सावित्री नाम की एक विवाहिता राजकुमारी ने अपने अल्पायु पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा के लिए ये व्रत रखा था। सुबह से ही वट वृछ पर सुहागीन महिलाओं की भीड़ लगी रही। वट सावित्री पर्व को लेकर बाजार में लॉकडाउन के वाबजूद भी सुबह में काफी चहल-पहल रही। पूजा सामग्री व फलों की दुकान पर लोगों की विशेष भीड़ देखी गई।

अन्य दिनों की अपेक्षा बाजार में फलों के दाम बढे थे। 30 से 35 रुपए किलो बिकने वाले आम  की कीमत 50 रुपए हो गयी। जबकि बाजार में लीची के भाव ने लोगों को रुला दिया। दो दिन पहले तक 200 से 250 रुपए में 100 पीस मिलने वाले लीची का दाम 800 तक पहुंच गया। जिस कारण अधिकांश लोग सैकड़ा बजाए गिनती के 5 से 10 पीस लीची लेते दिखें। 

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