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धर्म गुरुओं के साथ जिला प्रशासन ने की बैठक

जिला प्रशासन

जमुई। टीकाकरण की धीमी रफ्तार को धार देने के लिए जिला प्रशासन की बैठक अल्पसंख्यक समुदाय के धर्मगुरुओं के साथ संवाद कक्ष में हुई। बैठक में डीडीसी आरिफ अहसन तथा अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मु. शफीक ने धर्म गुरुओं की आशंकाओं एवं भ्रांतियां दूर की। इसके पश्चात ऑन स्पॉट संवाद कक्ष में ही समाज के प्रतिष्ठित लोगों एवं धर्मगुरुओं ने टीका लिया। साथ ही समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का भरोसा दिलाया।

इस दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि संक्रमण का प्रसार जाति और धर्म देखकर नहीं होता है। कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण ही अचूक उपाय है। सही समय पर टीका लिया जाना प्रभावी होता है। वैक्सीन का प्रथम डोज और द्वितीय डोज के बीच 84 दिन का फासला होना चाहिए। उन्होंने एक बार फिर से दोहराया कि टीका लेने में किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है। बशर्ते कि सही समय पर टीका ले लिया जाए। जिला पदाधिकारी ने सदर प्रखंड अंतर्गत नीमा, भछियार, अड़साड़ सहित अन्य मोहल्ले और गांव के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा टीकाकरण में बढ़-चढ़कर दिलचस्पी लिए जाने की तारीफ भी की। 

जिला पदाधिकारी ने यह भी बताया कि अब 18 से 44 वर्ष के व्यक्तियों का टीकाकरण ऑन स्पॉट कराने की व्यवस्था की गई है। इस प्रक्रिया में टीकाकरण स्थल पर ही पंजीयन की सुविधा सुनिश्चित की गई है। उप विकास आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि कोरोना से बचाव का एकमात्र तरीका टीकाकरण है। उन्होंने सभी धर्म गुरुओं से मस्जिद में टीकाकरण के लिए प्रेरित करने का ऐलान अवश्य कराने की अपील की। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मु. शफीक ने कहा कि जिस प्रकार हमारा कौम देश की आजादी दिलाने में बराबर का हिस्सेदार रहा है उसी प्रकार संक्रमण के खिलाफ जंग में हमारी भागीदारी बराबर की हो इसके लिए तमाम भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत है। 

सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा ने धर्म गुरुओं को टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया तथा यह भी बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ऑक्सीजन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। साथ ही किसी प्रकार की समस्या का समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18003456 25 कार्यरत है। बैठक में आइसीडीएस की डीपीओ कविता कुमारी, डीपीआरओ राघवेंद्र कुमार दीपक, जमील अहमद, नौशाद अख्तर, मोतीउल्लाह, मोईज खान एवं फिरोज आलम सहित अल्पसंख्यक समुदाय के धर्मगुरु, शिक्षक व बुद्धिजीवी मौजूद थे।

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