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मुख्य अभियंता ने अधौरा प्रखंड स्थित जल स्रोतों का लिया जायजा

कैमूर। जिले के पर्वतीय प्रखंड अधौरा क्षेत्र के कई जल श्रोत का जांच करने अपने संबंधित अधिकारियों के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश सिंह पहुंचकर गहन जांच पड़ताल की। बता दें कि अधौरा प्रखंड के सारोदाग पंचायत अंतर्गत बंधा गांव के पास कर्मनाशा नदी का उदगम स्थल है, जो श्रवण चूंवा के नाम से विख्यात है। जिसके विकास के लिए जदयू जिला प्रवक्ता कैमूर भानुप्रताप सिंह पटेल नें मुख्यमंत्री से मिलकर जल श्रोत की विकास के लिए अनुरोध किया था कि कर्मनाशा नदी का पानी बहकर उत्तर प्रदेश चला जाता है।

जहां कई जलाशय बने हुए हैं, बिहार में इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। जबकि कैमूर पहाड़ी के अधौरा प्रखंड से कर्मनाशा सहित कई छोटी- छोटी नदियां निकलती हैं। जहाँ बांध और चेकडैम्प का निर्माण कर जल संचय कर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराया जा सकता है। जिसपर मुख्यमंत्री ने मुख्य अभियंता को स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। जिसके आलोक में जायजा लेने पहुंचे मुख्य अभियंता ने बताया कि इस पहाड़ी क्षेत्र में सैकड़ों चेकडैम बनाये जा सकते हैं। इस मौके मौजूद  पुर्व प्रखंड प्रमुख परमेश्वर सिंह खरवार ने बताया कि कोटम दाग गांव के पास गौरा राज पर्वत से ही राजा दशरथ ने शिकार के दौरान शब्दभेदी वाण चलाया था,जो श्रवण को बंधा स्थित श्रवण चुना पर लगा था। उन्होंने कहा कि श्रवण अपने माता पिता की प्यास बुझाने के लिए उसी चुवां में अपनी लोटिया डुबा रहे थे कि घंड़े आवाज पर राजा दशरथ ने शिकार करने के क्रम में वाण चला दिया और श्रवण ने वहीं अपनी जान गंवा दिया।उस समय से चुवां का पानी लाल रहने लगा है।

बताते हैं कि श्रवण के माता पिता नें पास में ही पुत्र वियोग में तड़प- तड़प कर अपनी प्राणों की आहुति दे दी। जहां पर आज भी बाँस की कोठियां उतपन्न मौजूद हैं,वह भी उसी समय से है। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा राणा प्रताप सिंह, जदयू के प्रखंडध्यक्ष सुदामा सिंह खरवार, कृष्ण कुमार जायसवाल, शिवजी सेठ, शम्भू राम, छठी देवी, सुबास चन्द्र प्रसाद, भगवानपुर जदयू प्रखंड अध्यक्ष मौजूद थे।

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