Main

Today's Paper

Today's Paper

41 सालों में बस पड़ाव धीरे-धीरे हो रहा अतिक्रमण का शिकार

बस पड़ाव

खगड़िया। लाखों की लागत से बना महेशखूंट बस पड़ाव प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज की तिथि में भूत बंगला में तब्दील है। बस पड़ाव धीरे-धीरे अतिक्रमण का शिकार हो रहा है। आसाम रोड चैराहा महेशखूंट पर वाहन खड़े किए जाते हैं। जिससे जाम लगता है और दुर्घटना की संभावना रहती है। 


लेकिन, बस पड़ाव महेशखूंट उपेक्षित है। आसाम रोड चैराहा से बस पड़ाव कुछ ही दूर पर एनएच-31 किनारे है।मालूम हो कि वर्ष 1980 में गोगरी के तत्कालीन एसडीओ ने आसाम रोड चैराहे को जाम से मुक्ति दिलाने को लेकर बस पड़ाव का निर्माण कराया था। यहां दुकान के लिए 26 काउंटर, यात्री प्रतीक्षालय, सुलभ शौचालय आदि का निर्माण किया गया। 


जब बस पडाव बनकर तैयार हुआ और उसका शुभारंभ होता, तो एसडीओ का ही तबादला हो गया। बस पड़ाव के यात्री शेड जर्जर हो चुके हैं। जर्जर काउंटर व यात्री प्रतीक्षालय पर दूसरे का कब्जा है। परिसर में गिट्टी के ढेर जमा हैं। 


जो किसी संवेदक का है। शाम होते ही यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता है। दूसरी ओर आसाम रोड चैराहे पर भीड़-भाड़ रहती है। यहां से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। सूत्रों के अनुसार यहां अवैध वसूली का खेल होता है। 


पुलिस- प्रशासन कभी कभार डंडे घुमाकर अपना कर्तव्य पूरा कर लेता है। लेकिन, जाम से आम हो गया है। इस संबंध में गोगरी एसडीओ सुभाष चंद्र मंडल ने कहा कि अभी तो कोरोना महामारी से बचाव कार्य महत्वपूर्ण है। इसके बाद इस ओर ध्यान दिया जाएगा।
 

Share this story