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पटना निगरानी टीम ने चिकित्सा अधिकारी व कर्मी घूस लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

खगड़िया। वैसे तो बिहार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। बिहार की आवाम सरकार से त्रस्त है। अधिकारी से लेकर चपरासी तक के तबादले में लाखों लाख का खेला होता रहता है। घूस देने वाले और लेने वाले तो जानते ही हैं। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री व विधायक भी अच्छी तरह से जानते हैं। यह दीगर बात है कि यह सब परदे के पीछे का खेल है। भ्रष्टाचार, सरकारी अधिकारियों और कर्मियों के रग-रग में भरा हुआ है, जिसे कभी-कभी निगरानी विभाग छापेमारी और भ्रष्टाचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर बेनकाब कर देती है। फिर भी भ्रष्टाचार लगातार जारी है।

पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने बुधवार को खगड़िया जिले के दो जगहों पर छापेमारी की और जिले के स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की पहली टीम ने जिले के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित प्रभारी एससी सुमन को वेतन भुगतान मामले में डेढ लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जबकि निगरानी विभाग की दूसरी टीम ने खगड़िया में सिविल सर्जन ऑफिस के एक प्रधान लिपिक राजेंद्र प्रसाद सिन्हा को भी तीस हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

प्रधान लिपिक ने अस्पताल के एक एएनएम से वेतन भुगतान कराने के एवज में तीस हजार रिश्वत की मांग की थी। जिले में निगरानी की टीम की बड़ी कार्रवाई से फिलहाल सिविल सर्जन कार्यालय के प्रधान सहायक राजेंन्द प्रसाद और गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी एस सी सुमन की गिरफ्तारी के बाद सिविल सर्जन कार्यालय समेत स्वास्थ्यकर्मियों एवं अन्य विभागों में भी हड़कंप मचा हुआ है। उक्त घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक प्रत्यक्ष कर्मी ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर मीडिया से कहा अरे भैया, बिहार में भ्रष्टाचार, लूट, हत्या, नशाखोरी की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, फिर भी सरकार बेखबर है, आम जनता पीस रही है। जनता जाय तो जाय कहां।

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