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Today's Paper

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उच्च शिक्षा में बेटियों का छलांग- डॉ प्रेम कुमार

पटना। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वे ए आई एस एच ई के अनुसार देश में शक्ल प्रवेश दर जी आई 27.1 पर्सेंट दर्ज की गई है। इसमें लड़कों का जी आई 26.9 जबकि लड़कियों का 27.3  फीसदी दर्ज किया गया है। केंद्रीय  शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 5 सालों में देश के जी आई में कुल 2.6 अंकों की बढ़ोतरी का पंचवर्षीय रिपोर्ट जारी किया। 2015-16 में यह 24.5 परसेंट था। इस अवधि में लड़को का जी आई 1.5 तथा लड़कियों का जी आई 3.8% बढ़ा है। 


अनुसूचित जाति में जी आई में पांच 5 सालों में 3.5 अंक की वृद्धि हुई है और अब 23.4% दर्ज किया गया है। अनुसूचित जनजाति में 3.8 अंक की बढ़ोतरी हुई है और यह 18 परसेंट दर्ज किया गया है। 2019-20 में उच्च शिक्षा में 3.5 करोड़ युवाओं ने प्रवेश लिया। इसमें 18 से 23 साल के युवाओं को शामिल किया जाता है। इसमें से 1.96 करोड़ लड़के और 1.88 करोड़ लड़कियां शामिल है। प्रवेश लेने वाली लड़कियां 18.2 और लड़के 5.6% बढ़े हैं। यानी कुल बढ़ोतरी 11.4% की हुई है। उक्त बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कही। 

इसी तरह बिहार में भी लड़कियों को इसी सत्र से 33 परसेंट तकनीकी और उच्च शिक्षा में आरक्षण का लाभ मिलना शुरू होगा। इसके लिए बिहार के 38 इंजीनियरिंग कॉलेज में 9,975 सीटों में 33 पर्सेंट लड़कियों का नामांकन होगा। जहां पहले 17 परसेंट ही नामांकित छात्राएं थी। इस तरह बेटों से आगे बेटियों ने बाजी मारी। मोदी सरकार का नाडा-"बेटी बचाओ बेटी-पढ़ाओ "तेजी फलफूल रहा है।

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