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त्रिस्तरीय पंचायत के स्थान पर परामर्श समितियां करेंगे काम का निर्णय सराहनीय कदम- डॉ प्रेम कुमार

डॉ प्रेम कुमार

पटना। पंचायत चुनाव होने तक करेंगे काम।त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों यथा मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, पंच सदस्य, प्रमुख, समिति सदस्य एवं जिला परिषद अध्यक्ष, जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल 15 जून के बाद समाप्त हो जाएगा। बिहार सरकार के मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि ग्राम पंचायत, ग्राम कचहरी, प्रमुख एवं जिला परिषद अध्यक्ष 16 जून से परामर्शी समितियों के हवाले होंगी। मुखिया, सरपंच, प्रमुख एवं जिला परिषद अध्यक्ष, पंचायत से लेकर जिला स्तर की समितियों की क्रमशः अध्यक्षता अगला चुनाव संपन्न होने तक करेंगें। 

पूर्व की तरह परामर्शी समितियों के हवाले कार्य होते रहेंगे। 16 जून से चुनी हुई त्रिस्तरीय ग्राम पंचायतें, ग्राम कचहरी पंचायत समिति, जिला परिषद भंग होगी एवं परामर्शी समितियों द्वारा अगला चुनाव संपन्न होने तक काम होगा। उपरोक्त परामर्शी समितियों में क्षेत्र के स्थानीय विधायक, विधान परिषद सदस्य, लोकसभा सदस्य, राज्यसभा सदस्य (सांसद) भी प्रमुख एवं जिला परिषद के सदस्य के रूप में बैठक में भाग लेंगे। जिला परिषद, पंचायत समितियों में अपने अपने क्षेत्र के विकास के बारे में परामर्श करेंगे। समिति की बैठक में वे सारे पदाधिकारी और कर्मी शामिल होंगे जो पंचायतों की बैठक में शामिल होते थे। 

ऐसा निर्णय राज्य में चल रहे कोरोना महामारी के कारण लिया गया है। समय पर चुनाव सम्पन्न नहीं होने का कारण-लोकडॉन, कोरोना के बढ़ते प्रकोप था।लोगों को संक्रमण से बचाने हेतु त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को टाल दिया गया। राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय सराहनीय कदम है, अन्यथा कोरोना से और भी गंभीर खतरा हो सकता था। लोगों की अत्यधिक जानें जा सकती थी। साथ-साथ विकास के काम भी होते रहेंगे।

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