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कोरोना महामारी के 24 मृतक के परिजनों को दिया गया लाभ

पूर्णिया। कोरोना महामारी ने इस वर्ष जिले में तेजी से हजारों लोगों को अपना शिकार बनाया। हालांकि इस शिकार में अधिकांश लोग ठीक हुए लेकिन कुछ लोग काल के गाल में भी समाए। विभागीय रूप से प्राप्त आंकड़े में इस वर्ष 116 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले वर्ष 2020 की पहली कोरोना संक्रमण की लहर में कुल 42 लोगों की जान गई थी। जिनमें से सिर्फ 24 लोगों के परिवार को अभी तक सरकार की ओर से घोषित मुआवजा दिया गया है। 

शेष के लिए विभागीय रूप से प्रक्रिया चल रही है। मुआवजा देने के बारे में सिविल सर्जन डॉ. एस के वर्मा कहते हैं कि भुगतान की प्रक्रिया में कई जरूरी कागजात हैं जिन्हें जमा करना जरूरी होता है। इसी प्रक्रिया के अनुरूप सारे कागजात को राज्य स्तर पर जमा किया जाता है। राज्य स्तर से अनुमोदन होने के उपरांत राशि भेजी जाती है, जिस राशि को मृतक के नजदीकी रिश्तेदार मसलन पत्नी, बेटे या फिर समीप के रिश्ते के खाते में भेजा जाता है। 


उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष के कुल 42 लोगों के मृत्यु में अभी तक 24 मृतक के परिवार को राशि का लाभ भेजा गया है। शेष बचे हुए वैसे मृतक के परिवार को राशि का लाभ नहीं मिल पाया है। इसका कारण ये है कि उनके कागजात नहीं हुए हैं। ये ऐसे लोग हैं जिनका इलाज किसी और जगह चल रहा था लेकिन पूर्णिया जिले का होने के कारण उनके परिजन को यहीं पर मुआवजा दी जाएगी। लेकिन उन संस्थानों ने मृतक के परिजन को पूरे कागत नहीं दिए हैं। 


यही वजह है कि अभी तक भुगतान में विलम्ब हो रहा है। सिविल सर्जन ने बताया कि इस तरह की परेशानी से बचने के लिए इस साल निर्देश दिया गया था जिन अस्पताल में भी कोविड मरीज की मृत्यु हो उनके परिजन को मृत्य प्रमाण पत्र, कोविड जांच रिपोर्ट का प्रमाण पत्र भी दें। ताकि मुआवजा मिलने की प्रक्रिया को आगे बढाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कोरोना के कारण कुल 116 लोगों की जान गई है। इनके सभी कागजात सत्यापित कर राज्य को भेज दिया गया है। राज्य स्तर से अनुमोदन होने के उपरांत ही उनकी राशि भेजी जायगी, जिसे मृतक के परिवार के सदस्यों के खाते में भेजा जाएगा।

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