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Saturday, October 16, 2021 at 10:36 AM

आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों का लगातार सर्वे किया जाय:धामी

देहरादून (देशराज)। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से आठ जनपदों के पुनर्वासित गांवों के लोगों से बात कर उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी समस्याओं का उचित हल निकालने का प्रयास किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों का लगातार सर्वे किया जाय। सर्वे के बाद जिन गांवों एवं परिवारों को तत्काल पुनर्वासित करने की आवश्यकता है, उसकी सूची भी जल्द उपलब्ध कराई जाये।पुनर्वासित परिवारों के लिए भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार धनराशि दी गई है। पुनर्वासित क्षेत्र में अवस्थापना विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों का कोविड से निधन हुआ उन्हें आपदा मद से 50 हजार रूपये की धनराशि देने की व्यवस्था की जा रही है।
प्राकृतिक आपदा उपरान्त प्रभावित गांवों/ परिवारों के पुनर्वास नीति 2011 के प्राविधानुसार राज्य में कुल 83 गांव एवं 1447 परिवारों को पुनर्वासित किया गया जिसके लिए 61 करोड़ 02 लाख 35 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई। जिसमें से वर्ष 2017 से पहले 02 गांवों के 11 परिवारों को जबकि वर्ष 2017 के बाद से 81 गांवों के 1436 परिवारों को पुनर्वासित किया गया। गढ़वाल मण्डल के अन्तर्गत चमोली जनपद के 15 गांवों के 279 परिवर, उत्तरकाशी जनपद के 05 गावों के 205 परिवार, टिहरी जनपद के 10 गांवों के 429 परिवार एवं रूद्रप्रयाग जनपद के 10 गांवों के 136 परिवार पुनर्वासित किये गये। जबकि कुमाँऊ मण्डल के अन्तर्गत पिथौरागढ़ के 31 गांवों के 321 परिवार, बागेश्वर जनपद के 09 गांवों के 68 परिवार, नैनीताल जनपद के 01 गांव के 01 परिवार एवं अल्मोड़ा जनपद के 02 गांवों के 08 परिवार विस्थापित किये गये। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए.मुरूगेशन, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।