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Saturday, October 16, 2021 at 11:56 AM

कोरोना प्रतिबंध ताक पर, पैसों के लिये कुछ भी कर सकता है चीन, पाबंदियों में देगा ढील

नई दिल्ली। चीन में ओलंपिक शुरू होने में सिर्फ चार माह शेष हैं जबकि यहां कोविड-19 के सख्त प्रतिबंध अब भी लागू हैं। हाल ही में देश के कई शहरों में कोरोना के नए मामलों को लेकर लॉकडाउन भी लगाया गया है। ऐसे में सरकार पर जबरदस्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सरकार ने अब इन सख्त पाबंदियों को दरकिनार कर ओलंपिक से आर्थिक सुधार करने पर ध्यान देने की कोशिश शुरू कर दी है।

विदेशी एथलीटों को बीजिंग और नजदीकी शहर झांगजियाकोउ में चार फरवरी से शुरू हो रहे शीतकालीन ओलंपिक में भाग लेना है। अब तक चीन सरकार ने विदेशियों के चीन आने पर फैलने वाले कोरोना को लेकर प्रतिबंधों में ढील देने या न देने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन अब सरकार इस शीतकालीन ओलंपिक से आर्थिक सुधार लाने के मकसद से सख्त पाबंदियों में ढील देने पर विचार कर रही है।

बता दें कि यह नीति दोबारा देश के लोगों को एक बड़े संकट में डाल सकती है। चीन सरकार में अहम भूमिका निभाने वाले अर्थशास्त्री लैरी हू ने बताया कि सख्त पाबंदियों की कीमत देश के उद्योगों को चुकानी पड़ रही है। ऐसे में खेलों से आर्थिक सुधार किया जा सकता है। इन खेलों में करीब 3,000 से ज्यादा एथलीटों को भाग लेना है और दुनिया भर से लाखों पर्यटक यहां आएंगे। चीन इसका आर्थिक लाभ उठाना चाह रहा है।

डब्ल्यूएचओ ने भारत को कहा, शुक्रिया
एक तरफ चीन महामारी पर मौके का फायदा उठाने की कोशिश में है वहीं भारत दुनिया को टीका निर्यात बहाल करने का फैसला ले रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस गेब्रेयेसस ने भारत के उस फैसले की प्रशंसा की है। उन्होंने भारत के फैसले को इस साल के अंत तक सभी देशों में 40 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण बताया। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘कोविड-19 रोधी टीकों की अहम खेप की आपूर्ति बहाली पर मांडविया का शुक्रिया।’

श्रीलंका ने आईएमएफ से 10 करोड़ डॉलर का कर्ज मांगा
श्रीलंका ने फाइजर के कोविड-19 रोधी टीकों की 1.4 करोड़ खुराकें खरीदने और टीकाकरण कार्यक्रम से संबंधित अन्य खर्चों के वित्त पोषण के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 10 करोड़ डॉलर का कर्ज लेने का फैसला किया है। सरकार ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा, हमारा लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 75 प्रतिशत से अधिक आबादी को टीका लगाने का है।