Thursday, September 23, 2021 at 4:59 AM

मिसाल: कोरोना संकट में एक गरीब बुजुर्ग मां बनी असहायों का सहारा…

इटावा. कोरोना संकट और मंहगाई के इस दौर में जब व्यक्ति खुद दो जून की रोटी की जद्दोजहद में परेशान है, ऐसे में इटावा की एक बूढ़ी मां लोगो के लिए मसीहा बनकर उभरी हैं। गरीब असहायों को मात्र 10 रुपये मे भरपेट भोजन कराने वाली बूढी़ अम्मा राममूर्ति को मातृ दिवस के अवसर पर कुछ स्थानीय लोगों ने मान सम्मान किया तो उनके चर्चे सोशल मीडिया पर छा गए । जिसने भी उनके बारे में सुना, उसका सर श्रद्धाभाव से इस मां के योगदान के आगे नतमस्तक हो गया। इस अवसर उन्होने बताया कि अकेले एक लकड़ी के खोखे मे शहर के बीचों बीच एसडी फील्ड मे रहकर जीवन यापन कर रही हैं। बूढी़ अम्मा 10 रुपये में चार रोटी सब्जी खिलाकर भूखों का एवं स्वंय का पेट भरती हैं। बूढी़ अम्मा के पति का देहांत लगभग 15 वर्ष पूर्व हो गया था। उसी समय से वह अकेले जीवन यापन कर रहीं है।

इतना ही नहीं अगर किसी के पास पैसे नहीं होते हैं तो भी ये उसे भोजन खिला देती हैं, इनके इस मातृ स्वरूप के चर्चे तेजी से फैल रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन को ऐसे लोगों के जज्बे को सलाम करना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए

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