जहानाबाद:  बिजली  विभाग के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने कहा कि बिजली बिल के भुगतान को लेकर ग्रामीणों से लगातार आग्रह किया जाता रहा है। लेकिन ग्रामीणों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। इस हालत में बिजली काटने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था। सबसे अधिक काको प्रखंड के 12 गांव की बिजली काटी गई है। 10 प्रतिशत 10 percent से कम बिजली बिल जमा करने वाले गांवों की सूची में सदर प्रखंड के तीन, रतनी के दो, मखदुमपुर के तीन, घोसी के दो, हुलासंगज के छह और मोदनगंज के पांच शामिल है। इसके अलावा भी जिले के बीस गांवों में बिजली कनेक्शन काटा गया है। यानी कुल 53 गांवों का बिजली कनेक्शन काटा गया है।

इधर, कई उपभोक्ताओं का कहना था कि हम लोगों को बीपीएल के तहत निशुल्क बिजली कनेक्शन दिया गया था। शुरुआती के दिनों में बिजली बिल भी नहीं आता था। लेकिन कुछ समय बाद भारी-भरकम बिल आ गया, जो जमा करने में हम लोग सक्षम नहीं हैं। ऐसे में बिजली विभाग का यह निर्णय कहीं से भी उचित नहीं है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जिस गांव में 10 प्रतिशत 10 percent से कम बिजली बिल का भुगतान हुआ है वहां का कनेक्शन काटा गया है।

बिजली गुल होते ही पेयजल की समस्या हुई विकराल गांव में बिजली का महत्व सिर्फ रोशनी और कृषि कार्य तक ही सीमित नहीं है। पीने के पानी के लिए भी इसी पर निर्भर रहना पड़ता है। कुआं और चापाकल जैसे पेयजल के स्त्रोत पुरानी व्यवस्था हो गई है। अब नल का जल घर-घर तक पहुंचा है तो कई घरों में समरसेबल की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में बिजली गुल होने पर पानी की किल्लत शुरू हो गई है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।