Wednesday, December 8, 2021 at 3:32 PM

दिसंबर माह में ‘मेरी गंगा, मेरी सूंस’ कार्यक्रम के तहत डाल्फिन की गणना की जाएगी।

बिजनौर । एक बैंक्वेट हाल में डाल्फिन गणना के लिए व्यवहारिक गणना और बैराज गंगा घाट पर स्थलीय प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह में ‘मेरी गंगा, मेरी सूंस’ कार्यक्रम के तहत डाल्फिन की गणना की जाएगी। गंगा नदी में बिजनौर से लेकर गंगा सागर तक डाल्फिन गणना का काम प्रति वर्ष किया जाता है। साल 2015 से शुरू हुई डाल्फिन गणना में 22 से बढ़कर 41 तक पहंच गई। डाल्फिन की गणना के लिए तीन मोटरबोट में सवार पांच सदस्यीय टीम आवाज सुनने का यंत्र पानी में गिराकर डाल्फिन की आवाज को टारगेट कर ऊपर आने पर उनकी फोटोग्राफी करेगी। बिजनौर से टीमें गढ़ मुक्तेश्वर, नरौरा होते हुए बुलंदशहर और इलाहाबाद तक जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रोजेक्टर के जरिए डाल्फिन गणना करने का तरीका बताया गया। इसके बाद प्रशिक्षक के नेतृत्व में पांच-पांच सदस्यीय तीन टीमें बैराज गंगा घाट पहुंची। यहां इन प्रशिक्षुओं को स्थलीय प्रशिक्षण दिया गया। वन्य जीव संस्थान देहरादून ने वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. कमर कुरैशी ने बताया कि शुक्रवार को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर डीएफओ अनिल कुमार पटेल के अलावा वाइल्ड लाइफ, वन विभाग और वन्य जीव संस्थान देहरादून के अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि इस साल अक्टूबर में डाल्फिन गणना होनी थी, लेकिन गंगा में उफान की वजह से गणना नहीं हो पाई।  जिले में गुरुवार को 259 बूथों पर कोरोनारोधी टीका लगाया गया, जिसमें 30052 लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। जिले में अब तक 2710512 लोगों को कोरोना की डोज लगाई जा चुकी है।

गुरुवार के बिजनौर अरबन में 12, ब्लाक अफजलगढ़ में 15, चंदक, नुरपुर में 23-23, धामपुर में 16, नगीना में सात, नहटौर में 17, स्योहारा में 18, जलीलपुर, नजीबाबाद में 29-29, हल्दौर, कोतवाली में 25-25, किरतपुर में 20 टीकाकरण बूथ लगाए गए। जिले में गुरुवार को 30052 टीके लगाए गए।