Thursday, September 23, 2021 at 5:02 AM

जनपद को मिली बड़ी कामयाबी : डा. पी. के.वर्मा.

कोरोना से लड़ते हुए एक बड़े मुकाम को किया हासिल

 

कायाकल्प अवार्ड के लिए चयनित हुये जनपद के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

 

शाहजहांपुर, 4 अगस्त 2021 : कायाकल्प अवार्ड योजना के अंतर्गत वर्ष 2020 -21 में कायाकल्प योजना का अवार्ड लेने के लिए जनपद के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का राज्य स्तरीय टीम द्वारा एक्सटर्नल असेसमेंट किया गया था l जिसका परिणाम हाल ही में राज्य स्तरीय कायाकल्प अवार्ड समिति द्वारा घोषित किया गया | इसमें जनपद शाहजहांपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य ददरौल , कटरा , निगोही जरीयनपुर ,जैतीपुर और सिंधौली सहित छह सामुदायिक केंद्रों को अवार्ड के लिए नामित किये गए हैं |

 

क्वालिटी एश्योरेंस शासन की महत्वपूर्ण योजना में से एक है | इस योजना के अंतर्गत मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से शासन लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्ता परक बनाने के लिए प्रयासरत है l इसी उद्देश्य को सफल बनाने के लिए शासन द्वारा कायाकल्प योजना की शुरुआत की गयी जिससे चिकित्सालयों में आने वाले सभी मरीजों को गुणवता परक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें l

इस योजना के अंतर्गत मानकों को पूरा करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले चिकित्सालयों को शासन द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि आवंटन की जाती है l

 

डा. पी.के.वर्मा. ए.सी.एम.ओ. ने बताया कि जनपद को एक बड़ी कामयाबी मिली है जिसमें कायाकल्प अवार्ड योजना के अंतर्गत जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ,ददरौल , कटरा, निगोही, जरीयनपुर, जैतीपुर और सिंधौली सहित कुल 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों ने कोरोना से लड़ते हुए एक बड़े मुकाम को हासिल किया है जो एक सराहनीय प्रयास है l

 

कायाकल्प अवार्ड के लिए चयनित हुये जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ददरौल 85 , कटरा 79.5 , निगोही 78.1 जरीयनपुर 77.4 ,जैतीपुर 76.4 और सिंधौली 76.1 प्रतिशत अंक पाकर यह कामयाबी हासिल की है l ददरौल को यह पुरस्कार तीसरी बार मिलेगा , जरियनपुर और कटरा को दूसरी बार मिलेगा l समस्त स्टाफ द्वारा किये गए प्रयासों से ही सफलता सम्भव हुई है | साथ ही उन्होंने कहा कि जनपद के सभी चिकित्सालयों में कार्यरत सभी लोगों को कड़ी मेहनत करके अगली बार जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सभी चिकित्सालयों को कायाकल्प अवार्ड लेने के लिए सकारात्मक सोच बनाकर प्रयास करने की जरूरत है |

 

डा.तौकीर नवी, जनपदीय क्वालिटी परामर्शदाता ने बताया कि कायाकल्प योजना में तीन चरण होते हैं l पहले चरण में टीम द्वारा चिकित्सालय की गुणवत्ता का मूल्याकंन किया जाता है जिसमे 300 पॉइंट की एक चेकलिस्ट के माध्यम से मूल्यांकन किया जाता है अगर स्कोर 70 प्रतिशत से कम होता है तो गैप एनालिसिस करके गैप को पूर्ण करने के उपरान्त मूल्यांकन किया जाता है और स्कोर 70 प्रतिशत से अधिक हो जाता है तो दूसरे चरण में पीयर असेसमेंट के लिए राज्य स्तर से किसी दूसरे जनपद की टीम को मूल्यांकन करने के लिए भेजकर मूल्यांकन करवाया जाता है इस मूल्यांकन में स्कोर 70 प्रतिशत या उससे अधिक होता है तब चिकित्सालय के तीसरे चरण के मूल्यांकन के लिए राज्य स्तरीय टीम एक्सटर्नल असेसमेंट के लिए आती और बहुत ही बारीकी से चिकित्सालय का मूल्यांकन किया जाता है इस मूल्यांकन में अगर चिकित्सालय का स्कोर 70 प्रतिशत या इससे अधिक होता है तब चिकित्सालय कायाकल्प अवार्ड लेने के लिए पात्र हो जाता है l

उन्होंने बताया कि कायाकल्प योजना के अंतर्गत 7 थीमेटिक एरियाज होते है जिसमें मुख्य चिकित्सालय की बिल्डिंग का रखरखाव , फर्नीचर का रख, रखाव और साफ सफाई , चिकित्सालय के दस्तावेज का रखरखाव ,इन्फैक्शन कण्ट्रोल , बायोमेडिकल वेस्ट प्रबन्धन , हाईजीन प्रमोशन , मरीज के प्रति डाक्टर , और अन्य स्टाफ का व्यवहार आदि शामिल रहता है l जनपद की यह बड़ी उपलब्धी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एस.पी गौतम के द्वारा दिये गए उचित मार्ग दर्शन और निर्देशों से ही संभव हुआ है |

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